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Sirsa News: महिला थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में एनआईए ने एक और संदिग्ध पकड़ा
Sat, 29 Aug 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:55 PM IST
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ग्रेनेड सप्लायर आरोपी गुरजंट सिंह से 31 अगस्त को संदिग्ध की पहचान परेड कराएगी एनआईए
अंबाला सेंट्रल जेल में होगी पहचान परेड, आरोपी गुरजंट सिंह के अधिवक्ता को भी मौजूद रहने की अनुमति
हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। 25 नवंबर 2025 को महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में एनआईए ने पंजाब से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। अब उसकी पहचान आरोपी ग्रेनेड सप्लायर गुरजंट सिंह से कराई जाएगी।
इसके लिए एनआईए की अर्जी को स्पेशल कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। पहचान परेड 31 अगस्त को अंबाला सेंट्रल जेल परिसर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। कोर्ट ने आरोपी गुरजंट सिंह के अधिवक्ता को भी पहचान परेड के दौरान मौजूद रहने की अनुमति दी है।
हालांकि, वह ऐसी दूरी पर रहेंगे जहां से वह पूरी प्रक्रिया देख सकेंगे लेकिन बातचीत सुन नहीं सकेंगे। एनआईए की ओर से स्पेशल कोर्ट में दाखिल अर्जी में बताया गया था कि यह मामला शुरुआत में सिरसा के सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज किया था।
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मामला सिरसा महिला पुलिस थाने पर अज्ञात लोगों की ओर से सुनियोजित तरीके से किए गए ग्रेनेड हमले से संबंधित है। इस हमले का उद्देश्य लोगों में दहशत फैलाना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई।
जांच के दौरान एनआईए ने ग्रेनेड सप्लायर गुरजंट सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, अन्य ज्ञात और अज्ञात आरोपियों से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए आगे की जांच जारी रखी गई।
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। यह संदिग्ध प्रारंभिक जांच और चालान दाखिल किए जाने के समय पुलिस की गिरफ्त में नहीं था। बाद की जांच के दौरान उसे हिरासत में लिया गया है।
अब एनआईए इस संदिग्ध की पहचान आरोपी गुरजंट सिंह से कराने की प्रक्रिया पूरी करना चाहती है ताकि उसकी पहचान और मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। संवाद
पहचान परेड की जरूरत पर उठाए सवाल
आरोपी गुरजंट सिंह के अधिवक्ता ने एनआईए की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। उसके संबंध में अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल की जा चुकी है। अधिवक्ता ने पहचान परेड की आवश्यकता पर सवाल उठाया।
जेल में जरूरी सामान ले जाने की भी मिली
अब 31 अगस्त को एनआईए के डीएसपी रोहन गुप्ता अपनी टीम और एक स्वतंत्र गवाह के साथ अंबाला सेंट्रल जेल परिसर में पहचान परेड की कार्रवाई करेंगे। जेल अधीक्षक एनआईए अधिकारियों को आवश्यक रिकॉर्ड, लैपटॉप, स्टेशनरी व अन्य जरूरी सामान जेल परिसर में ले जाने की अनुमति देंगे। इस पहचान परेड के जरिए एनआईए संदिग्ध की पहचान और उसकी भूमिका से जुड़े तथ्यों को आगे की जांच में शामिल करेगी।
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अंबाला सेंट्रल जेल में होगी पहचान परेड, आरोपी गुरजंट सिंह के अधिवक्ता को भी मौजूद रहने की अनुमति
हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। 25 नवंबर 2025 को महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में एनआईए ने पंजाब से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। अब उसकी पहचान आरोपी ग्रेनेड सप्लायर गुरजंट सिंह से कराई जाएगी।
इसके लिए एनआईए की अर्जी को स्पेशल कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। पहचान परेड 31 अगस्त को अंबाला सेंट्रल जेल परिसर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। कोर्ट ने आरोपी गुरजंट सिंह के अधिवक्ता को भी पहचान परेड के दौरान मौजूद रहने की अनुमति दी है।
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हालांकि, वह ऐसी दूरी पर रहेंगे जहां से वह पूरी प्रक्रिया देख सकेंगे लेकिन बातचीत सुन नहीं सकेंगे। एनआईए की ओर से स्पेशल कोर्ट में दाखिल अर्जी में बताया गया था कि यह मामला शुरुआत में सिरसा के सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज किया था।
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मामला सिरसा महिला पुलिस थाने पर अज्ञात लोगों की ओर से सुनियोजित तरीके से किए गए ग्रेनेड हमले से संबंधित है। इस हमले का उद्देश्य लोगों में दहशत फैलाना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई।
जांच के दौरान एनआईए ने ग्रेनेड सप्लायर गुरजंट सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुछ आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, अन्य ज्ञात और अज्ञात आरोपियों से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए आगे की जांच जारी रखी गई।
एनआईए ने कोर्ट को बताया कि इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। यह संदिग्ध प्रारंभिक जांच और चालान दाखिल किए जाने के समय पुलिस की गिरफ्त में नहीं था। बाद की जांच के दौरान उसे हिरासत में लिया गया है।
अब एनआईए इस संदिग्ध की पहचान आरोपी गुरजंट सिंह से कराने की प्रक्रिया पूरी करना चाहती है ताकि उसकी पहचान और मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। संवाद
पहचान परेड की जरूरत पर उठाए सवाल
आरोपी गुरजंट सिंह के अधिवक्ता ने एनआईए की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। उसके संबंध में अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल की जा चुकी है। अधिवक्ता ने पहचान परेड की आवश्यकता पर सवाल उठाया।
जेल में जरूरी सामान ले जाने की भी मिली
अब 31 अगस्त को एनआईए के डीएसपी रोहन गुप्ता अपनी टीम और एक स्वतंत्र गवाह के साथ अंबाला सेंट्रल जेल परिसर में पहचान परेड की कार्रवाई करेंगे। जेल अधीक्षक एनआईए अधिकारियों को आवश्यक रिकॉर्ड, लैपटॉप, स्टेशनरी व अन्य जरूरी सामान जेल परिसर में ले जाने की अनुमति देंगे। इस पहचान परेड के जरिए एनआईए संदिग्ध की पहचान और उसकी भूमिका से जुड़े तथ्यों को आगे की जांच में शामिल करेगी।