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दलित छात्रा का अपहरण कर गैंगरेप
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Wed, 27 May 2015 11:45 PM IST
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सरायइनायत इलाके में मंगलवार देर रात दसवीं में पढ़ने वाली दलित लड़की को घर के बाहर से बाइक पर अगवा करने के बाद झाड़ी में उसके साथ तीन युवकों ने बलात्कार किया। रात भर मनमानी करने के बाद भोर में उसे एक भट्ठे के बाहर छोड़कर युवक भाग गए। छात्रा ने घर जाकर बताया तो परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे। छात्रा ने पूरा किस्सा बताया तो पुलिस ने छापेमारी कर एक आरोपी को पकड़ लिया। मगर फिर जाने क्या हुआ कि पुलिस ने इस घटना को दूसरा रूप दे दिया। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट लिखी पर उसमें से बलात्कार का आरोप ही हटा दिया।
दलित परिवार की यह 16 साल की छात्रा मंगलवार रात करीब आठ बजे छोटी बहन के साथ घर के बाहर निकली थी तभी आरोप है कि दो युवकों ने उसे खींचकर बाइक पर बैठा लिया। फिर वे छात्रा को बाइक पर लेकर बढ़ गए। छात्रा का कहना है कि रास्ते में एक और युवक साथ हो लिया। वे तीनों उसे सुनसान स्थान पर झाड़ी में ले गए। वहां उन तीनों ने छात्रा के साथ कुकर्म किया। रात भर मनमानी करने के बाद भोर में छात्रा को कोटवा गांव के एक भट्ठा के बाहर छोड़कर तीनों भाग गए। वहां से छात्रा ने किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। घटना के बारे में जानकर परिजन सन्न रह गए।
वे बेटी को लेकर सरायइनायत थाने गए और पुलिस को जानकारी दी। छात्रा ने अपहरण और गैंगरेप के बारे में बताया। पुलिस ने छापा मारकर एक आरोपी को पकड़ भी लिया। मगर फिर जाने क्या हुआ कि पुलिस ने छात्रा के पिता से सिर्फ बहला-फुसलाकर भगाने और दलित उत्पीड़न की तहरीर लेकर अजगैयां गांव निवासी सौरभ बटेल और सुनील यादव के खिलाफ केस लिखा। छात्रा का मेडिकल टेस्ट भी नहीं कराया। इस बारे में पूछने पर सीओ फूलपुर कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि छात्रा के पिता ने जो तहरीर दी उसी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मगर छात्रा ने तो थाने में पुलिस के सामने बयान दिया था कि उसे बाइक पर उठाकर ले जाने के बाद ‘गलत काम’ किया गया, इस पर पुलिस ने चुप्पी साध ली है।
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दलित परिवार की यह 16 साल की छात्रा मंगलवार रात करीब आठ बजे छोटी बहन के साथ घर के बाहर निकली थी तभी आरोप है कि दो युवकों ने उसे खींचकर बाइक पर बैठा लिया। फिर वे छात्रा को बाइक पर लेकर बढ़ गए। छात्रा का कहना है कि रास्ते में एक और युवक साथ हो लिया। वे तीनों उसे सुनसान स्थान पर झाड़ी में ले गए। वहां उन तीनों ने छात्रा के साथ कुकर्म किया। रात भर मनमानी करने के बाद भोर में छात्रा को कोटवा गांव के एक भट्ठा के बाहर छोड़कर तीनों भाग गए। वहां से छात्रा ने किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। घटना के बारे में जानकर परिजन सन्न रह गए।
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वे बेटी को लेकर सरायइनायत थाने गए और पुलिस को जानकारी दी। छात्रा ने अपहरण और गैंगरेप के बारे में बताया। पुलिस ने छापा मारकर एक आरोपी को पकड़ भी लिया। मगर फिर जाने क्या हुआ कि पुलिस ने छात्रा के पिता से सिर्फ बहला-फुसलाकर भगाने और दलित उत्पीड़न की तहरीर लेकर अजगैयां गांव निवासी सौरभ बटेल और सुनील यादव के खिलाफ केस लिखा। छात्रा का मेडिकल टेस्ट भी नहीं कराया। इस बारे में पूछने पर सीओ फूलपुर कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि छात्रा के पिता ने जो तहरीर दी उसी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मगर छात्रा ने तो थाने में पुलिस के सामने बयान दिया था कि उसे बाइक पर उठाकर ले जाने के बाद ‘गलत काम’ किया गया, इस पर पुलिस ने चुप्पी साध ली है।
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