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खुल्दाबाद बाल सुधार गृह से भागा कुख्यात बदमाश गोदऊ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 11 May 2016 02:40 AM IST
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खुल्दाबाद थाने के सामने से पुलिस की हिरासत से कुख्यत अपराधी गदऊ के फारार होने के बाद बाल सुधार गृह में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बेहद मशक्कत के बाद पिछले साल पुलिस की गिरफ्त में आया कुख्यात अपराधी गोदऊ पासी मंगलवार दोपहर खुल्दाबाद में बाल सुधार गृह के सामने पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। उसे मिर्जापुर जेल से यहां पेशी पर लाया गया था। उसने फरार होने की योजना तैयार कर रखी थी। उसके साथी बाइक पर वहां पहले से मौजूद थे। टायलेट का बहाना करने के बाद उसने सिपाही को धक्का दिया और बाइक पर बैठकर भाग निकला। गोदऊ की फरारी की खबर मिलते ही पुलिस अफसर कई थानों की फोर्स के साथ सक्त्रिस्य हो गए।
क्राइम ब्रांच ने भी गिरफ्तारी का जाल बिछा दिया। मुंडेरा गांव के विनोद कुमार उर्फ गोदऊ पासी ने पिछले चार साल से पुलिस की नाक में दम कर दिया था। उसने अपने बड़े भाई हरिश्चंद्र पासी और साथियों संग हत्या, रंगदारी उगाही, लूट की दर्जनों वारदातें अंजाम दीं। नवंबर 2014 में हरिश्चंद्र पासी की गिरफ्तारी के बाद गोदऊ ही गैंग के साथ वारदात करता रहा। पिछले साल जून में उसने मुंडेरा में फुटवियर शोरूम में कारोबारी भाइयों को पैसे के चक्कर में गोली मारी तो एक भाई की मौत पर नाराज व्यापारियों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया था। तीन महीने तक पीछा करने के बाद क्राइम ब्रांच ने 17 सितंबर को 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गोदऊ पासी को तेलियरगंज इलाके में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
कुछ समय बाद उसे नैनी सेंट्रल जेल से जिला कारागार मिर्जापुर भेज दिया गया था। धूमनगंज पुलिस ने हत्याकांड में गोदऊ के खिलाफ चार्जशीट भी दायर कर दी। मंगलवार को गोदऊ की खुल्दाबाद थाने के निकट बाल सुधार गृह परिसर स्थित किशोर न्यायालय में पेशी थी। मिर्जापुर जेल से गोदऊ के साथ एक अन्य अभियुक्त अमित को लेकर तीन सिपाही और एक एचसीपी रामनाथ राम इलाहाबाद जिला अदालत पहुंचे। वहां अभियुक्त अमित के साथ दो सिपाहियों को छोड़कर सरकारी गाड़ी से गोदऊ को लेकर एचसीपी रामनाथ राम और सिपाही मन्नान अली करीब ढाई बजे खुल्दाबाद थाने के सामने बाल सुधार गृह पहुंचे। गाड़ी से उतरते ही गोदऊ ने कहा कि उसे टायलेट जाना है। सिपाही मन्नान ने उसे अंदर चलने के लिए कहा मगर वह हाथ छुड़ाकर कुछ दूर पर बाइक लेकर खड़े साथी संग नुरूल्ला रोड की तरफ भाग गया। खुल्दाबाद थाने के भी कई सिपाही दौड़े मगर गोदऊ मिला नहीं। एसपी क्त्रसइम रमाकांत प्रसाद और एसपी सिटी राजेश यादव पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। क्त्रसइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय भी हमराहियों के साथ गोदऊ की तलाश में जुट गए। गोदऊ और उसकी कस्टडी ड्यूटी में तैनात एचसीपी और सिपाही के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में केस लिखा गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट मिर्जापुर भेजी जाएगी। ।
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नाबालिग के लिए लगाई फर्जी टीसी
एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि गोदऊ पासी को किशोर न्यायालय में इसलिए पेश करना था क्योंकि उसे नाबालिग करार देने के लिए फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) का सहारा लिया गया था। दरअसल, मुंडेरा में कत्ल से तीन घंटे पहले गोदऊ ने लूकरगंज में साथी रजनीश के साथ मिलकर अपाचे बाइक लूटी थी। उसी लूट के मुकदमे में गोदऊ की मां निर्मला ने मुंडेरा के पास कसेरूआ के एक स्कूल का फर्जी सर्टिफिकेट एसीजेएम की कोर्ट में पेश किया, जिसमें गोदऊ का जन्म वर्ष 1998 लिखा था। उसी आधार पर गोदऊ को नाबालिग मानकर मामला किशोर न्यायालय ट्रांसफर कर दिया गया। तीन मार्च को कोर्ट ने हत्याकांड में भी गोदऊ को नाबालिग मानकर यह केस भी स्थानांतरित कर दिया। हालांकि किशोर न्यायालय ने एबीएसए से जांच कराई तो ट्रांसफर सर्टिफिकेट फर्जी मिला था। कसेरूआ में उस नाम का स्कूल तक नहीं था। ऐसे में पांच दिन पहले गोदऊ की मां निर्मला देवी के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में फर्जीवाड़ा का केस लिखा गया था। किशोर न्यायालय ने मिर्जापुर कारागार अधीक्षक को गोदऊ का उम्र निर्धारण के लिए मेडिकल कराकर 10 मई को पेश करने का आदेश दिया था। मगर मंगलवार को पेश के दौरान गोदई का मेडिकल टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं लाया गया था।
गोदऊ की फरारी से मच गई खलबली
गोदऊ पासी के फरार होने की खबर से सुलेमसराय में रहने वाले एक सफेदपोश समेत तमाम ऐसे लोगों में खलबली मच गई है जिनकी किसी भी तरह से गोदऊ से कुछ भी खुन्नस है। सफेदपोश तो इस कदर गोदऊ से घबराया है कि वह क्राइम ब्रांच वालों से पूछता रहता है कि कुछ पता चला कि नहीं गोदऊ का। पिछली बार तो वह गोदऊ के डर से घर से भी निकलने से बचता था।
सिपाही के फोन से की साथी से बात
पुलिस प्रिजन वैन में मौजूद दूसरे किशोर कैदियों ने मीडिया और पुलिस अफसरों को बताया कि गोदऊ सिपाही के फोन पर किसी से बात कर रहा था। ऐसे में शक है कि गोदऊ ने फरारी की योजना सिपाही के मोबाइल के जरिए अपने साथी से बात कर बनाई।
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क्राइम ब्रांच ने भी गिरफ्तारी का जाल बिछा दिया। मुंडेरा गांव के विनोद कुमार उर्फ गोदऊ पासी ने पिछले चार साल से पुलिस की नाक में दम कर दिया था। उसने अपने बड़े भाई हरिश्चंद्र पासी और साथियों संग हत्या, रंगदारी उगाही, लूट की दर्जनों वारदातें अंजाम दीं। नवंबर 2014 में हरिश्चंद्र पासी की गिरफ्तारी के बाद गोदऊ ही गैंग के साथ वारदात करता रहा। पिछले साल जून में उसने मुंडेरा में फुटवियर शोरूम में कारोबारी भाइयों को पैसे के चक्कर में गोली मारी तो एक भाई की मौत पर नाराज व्यापारियों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया था। तीन महीने तक पीछा करने के बाद क्राइम ब्रांच ने 17 सितंबर को 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गोदऊ पासी को तेलियरगंज इलाके में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
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कुछ समय बाद उसे नैनी सेंट्रल जेल से जिला कारागार मिर्जापुर भेज दिया गया था। धूमनगंज पुलिस ने हत्याकांड में गोदऊ के खिलाफ चार्जशीट भी दायर कर दी। मंगलवार को गोदऊ की खुल्दाबाद थाने के निकट बाल सुधार गृह परिसर स्थित किशोर न्यायालय में पेशी थी। मिर्जापुर जेल से गोदऊ के साथ एक अन्य अभियुक्त अमित को लेकर तीन सिपाही और एक एचसीपी रामनाथ राम इलाहाबाद जिला अदालत पहुंचे। वहां अभियुक्त अमित के साथ दो सिपाहियों को छोड़कर सरकारी गाड़ी से गोदऊ को लेकर एचसीपी रामनाथ राम और सिपाही मन्नान अली करीब ढाई बजे खुल्दाबाद थाने के सामने बाल सुधार गृह पहुंचे। गाड़ी से उतरते ही गोदऊ ने कहा कि उसे टायलेट जाना है। सिपाही मन्नान ने उसे अंदर चलने के लिए कहा मगर वह हाथ छुड़ाकर कुछ दूर पर बाइक लेकर खड़े साथी संग नुरूल्ला रोड की तरफ भाग गया। खुल्दाबाद थाने के भी कई सिपाही दौड़े मगर गोदऊ मिला नहीं। एसपी क्त्रसइम रमाकांत प्रसाद और एसपी सिटी राजेश यादव पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। क्त्रसइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय भी हमराहियों के साथ गोदऊ की तलाश में जुट गए। गोदऊ और उसकी कस्टडी ड्यूटी में तैनात एचसीपी और सिपाही के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में केस लिखा गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट मिर्जापुर भेजी जाएगी। ।
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नाबालिग के लिए लगाई फर्जी टीसी
एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि गोदऊ पासी को किशोर न्यायालय में इसलिए पेश करना था क्योंकि उसे नाबालिग करार देने के लिए फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) का सहारा लिया गया था। दरअसल, मुंडेरा में कत्ल से तीन घंटे पहले गोदऊ ने लूकरगंज में साथी रजनीश के साथ मिलकर अपाचे बाइक लूटी थी। उसी लूट के मुकदमे में गोदऊ की मां निर्मला ने मुंडेरा के पास कसेरूआ के एक स्कूल का फर्जी सर्टिफिकेट एसीजेएम की कोर्ट में पेश किया, जिसमें गोदऊ का जन्म वर्ष 1998 लिखा था। उसी आधार पर गोदऊ को नाबालिग मानकर मामला किशोर न्यायालय ट्रांसफर कर दिया गया। तीन मार्च को कोर्ट ने हत्याकांड में भी गोदऊ को नाबालिग मानकर यह केस भी स्थानांतरित कर दिया। हालांकि किशोर न्यायालय ने एबीएसए से जांच कराई तो ट्रांसफर सर्टिफिकेट फर्जी मिला था। कसेरूआ में उस नाम का स्कूल तक नहीं था। ऐसे में पांच दिन पहले गोदऊ की मां निर्मला देवी के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में फर्जीवाड़ा का केस लिखा गया था। किशोर न्यायालय ने मिर्जापुर कारागार अधीक्षक को गोदऊ का उम्र निर्धारण के लिए मेडिकल कराकर 10 मई को पेश करने का आदेश दिया था। मगर मंगलवार को पेश के दौरान गोदई का मेडिकल टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं लाया गया था।
गोदऊ की फरारी से मच गई खलबली
गोदऊ पासी के फरार होने की खबर से सुलेमसराय में रहने वाले एक सफेदपोश समेत तमाम ऐसे लोगों में खलबली मच गई है जिनकी किसी भी तरह से गोदऊ से कुछ भी खुन्नस है। सफेदपोश तो इस कदर गोदऊ से घबराया है कि वह क्राइम ब्रांच वालों से पूछता रहता है कि कुछ पता चला कि नहीं गोदऊ का। पिछली बार तो वह गोदऊ के डर से घर से भी निकलने से बचता था।
सिपाही के फोन से की साथी से बात
पुलिस प्रिजन वैन में मौजूद दूसरे किशोर कैदियों ने मीडिया और पुलिस अफसरों को बताया कि गोदऊ सिपाही के फोन पर किसी से बात कर रहा था। ऐसे में शक है कि गोदऊ ने फरारी की योजना सिपाही के मोबाइल के जरिए अपने साथी से बात कर बनाई।