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पांच लाख की सुपारी पर कराया गया अधिवक्ता का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 24 May 2018 01:22 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हत्या के लिए पांच लाख की सुपारी होटल मालिक प्रदीप जायसवाल ने ही अपने दोस्त घनश्याम के माध्यम से दी थी। एसटीएफ वाराणसी ने प्रतापगढ़ से बदमाश शमशाद को गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हो गया। शमशाद ने ही दोनों शूटरों को हायर किया था। एसटीएफ ने एक शूटर भी पकड़ लिया है। दूसरे की तलाश चल रही है।
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक रामबाग में होटल के पीछे नाले के विवाद से होटल मालिक प्रदीप जायसवाल काफी परेशान था। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने नगर निगम से लेकर कोर्ट तक शिकायत की थी। पीआईएल भी दाखिल करने वाले थे। प्रदीप ने महेवा में रहने वाले अपने दोस्त घनश्याम वैश्य से अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव को रास्ते से हटाने की बात की। घनश्याम होटल में सामान की सप्लाई भी करता था। उसने झूंसी में रहने वाले अपने दोस्त अंजनी श्रीवास्तव से संपर्क साधा। अंजनी पुराना अपराधी रहा है। उसने प्रतापगढ़ में रहने वाले अपने दोस्त शमशाद को यह काम सौंप दिया। शमशाद ने दो शूटरों विशाल प्रजापति और रईस को हायर किया और उन्हें चोरी की बाइक देकर अधिवक्ता की रेकी कराई गई।
घटना वाले दिन विशाल बाइक पर पीछे बैठा था। उसी ने अधिवक्ता को गोली मारी। एसटीएफ वाराणसी ने शमशाद के साथ शूटर विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से बुधवार देर रात तक प्रतापगढ़ पुलिस लाइन में पूछताछ होती रही। उधर, घनश्याम और अंजनि की तलाश में पुलिस की टीमों ने कई जगह दबिश दी, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। घनश्याम और अंजनी घटना वाले दिन से ही फरार हैं। एसएसपी नवीन तिवारी ने बताया कि पुलिस मामले के खुलासे के करीब है। जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस कर मामले को सामने लाया जाएगा।
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एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक रामबाग में होटल के पीछे नाले के विवाद से होटल मालिक प्रदीप जायसवाल काफी परेशान था। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने नगर निगम से लेकर कोर्ट तक शिकायत की थी। पीआईएल भी दाखिल करने वाले थे। प्रदीप ने महेवा में रहने वाले अपने दोस्त घनश्याम वैश्य से अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव को रास्ते से हटाने की बात की। घनश्याम होटल में सामान की सप्लाई भी करता था। उसने झूंसी में रहने वाले अपने दोस्त अंजनी श्रीवास्तव से संपर्क साधा। अंजनी पुराना अपराधी रहा है। उसने प्रतापगढ़ में रहने वाले अपने दोस्त शमशाद को यह काम सौंप दिया। शमशाद ने दो शूटरों विशाल प्रजापति और रईस को हायर किया और उन्हें चोरी की बाइक देकर अधिवक्ता की रेकी कराई गई।
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घटना वाले दिन विशाल बाइक पर पीछे बैठा था। उसी ने अधिवक्ता को गोली मारी। एसटीएफ वाराणसी ने शमशाद के साथ शूटर विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से बुधवार देर रात तक प्रतापगढ़ पुलिस लाइन में पूछताछ होती रही। उधर, घनश्याम और अंजनि की तलाश में पुलिस की टीमों ने कई जगह दबिश दी, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। घनश्याम और अंजनी घटना वाले दिन से ही फरार हैं। एसएसपी नवीन तिवारी ने बताया कि पुलिस मामले के खुलासे के करीब है। जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस कर मामले को सामने लाया जाएगा।
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