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महिला थाने में सिपाही ने लगाई आग

Mon, 07 Nov 2016 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 07 Nov 2016 02:35 AM IST
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Fire caused by female police officers
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
सिविल लाइंस में महिला थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रविवार रात महिला सिपाही मोनिका सिंह (26) ने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। कमरे से धुआं उठते देख बगल के कमरे में मौजूद महिला सिपाही ने शोर मचाया तो महिला थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी आग पर काबू पाकर झुलसी सिपाही को एसआरएन अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। थाना परिसर में महिला सिपाही के खुदकुशी के प्रयास की जानकारी होने पर खलबली मच गई। महिला सिपाही के परिजन भी खबर पाकर अस्पताल पहुंच गए। मोनिका के चाचा ने जांच के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। 
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फैजाबाद जनपद में सिरयांवा पूरा कलंदरपुर के रहने दिनेश सिंह पुलिस महकमे सिपाही हैं। उनकी बेटी मोनिका सिंह छह साल पहले खेल कोटे से पुलिस महकमे आरक्षी के पद पर भर्ती हुई। मोनिका तैनाती कुछ महीने पहले तक सीओ ट्रैफिक कार्यालय में थी। पुलिस के मुताबिक वह महिला थाना परिसर में आरक्षी चालक को आवंटित आवास में एक महिला सिपाही अपर्णा पांडेय के साथ अनाधिकृत रूप से कब्जा कर रह रही थीं। सरकारी आवास में रहने के बाद भी मोनिका सिंह आवास भत्ता भी ले रही थीं। आवास खाली करने के लिए महिला थाना प्रभारी और आरक्षी चालक के बार-बार कहने पर धमकी देती थी।
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शिकायत के बाद सीओ दारागंज सहायक पुलिस अधीक्षक गणेश साहा को जांच दी गई। उनकी रिपोर्ट पर 24 अक्तूूबर को तत्कालीन एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सिपाही मोनिका सिंह और अर्पणा पांडेय को निलंबित कर विभागीय जांच सीओ ट्रैफिक को सौंपी। रविवार शाम को मोनिका सिंह अपने सरकारी कमरे पर पहुंचीं। उसने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। शोरगुल सुनकर महिला थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे तो मोनिका आग की लपटों में घिरी थीं। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने आग बुझाया। सूचना पाकर सीओ सिविल लाइंस आलोक मिश्र पहुंचे। झुलसी महिला सिपाही को एसआरएन अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। 
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खबर पाकर सिविल लाइंस इलाके में रहने वाले मोनिका सिंह के चाचा इंजीनियर जेके सिंह और भाई गुडलक अस्पताल पहुंच गए। चाचा जेके सिंह का आरोप है कि शाम को मोनिका से बात हुई तो उसने बताया कि वह सीओ गणेश साहा को अपना बयान देने गई थी। सीओ ने उसे भगा दिया था। इस बात को लेकर वह परेशान थी। आशंका है कि इसी तनाव में उसने ऐसा कदम उठाया। वहीं सीओ साहा का कहना है कि इस मामले की जांच सीओ ट्रैफिक को मिली है। शाम को वह संगम में छह पूजा कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पर थे। 


महिला सिपाही के थाना परिसर में आग लगाने की सूचना पर मौके पर पहुंचा। सिपाही मामूली रूप से झुलसी है। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसने केरोसिन पिया तो नहीं है, इसके लिए उसे मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कराया है। हालांकि डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। महिला सिपाही को कुछ दिन पहले जबरन सरकारी आवास में रहने और आवास भत्ता लेने की शिकायत पर निलंबित किया गया था।---आलोक मिश्र सीओ सिविल लाइंस। 
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