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पेशी पर आया अतीक का करीबी फरहान फरार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:33 AM IST
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राजूपाल हत्याकांड समेत कई सनसनीखेज मामलों का आरोपी फरहान शुक्रवार को पेशी से लौटने के दौरान पुलिस हिरासत से फरार हो गया। बेगमबाजार इलाके में वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर घर से भाग निकला। हालांकि चर्चा यह भी रही कि लौटने के दौरान फरहान अपने घर गया था और वह वहीं से भागा। देर रात तक मुकदमा लिखे जाने की कार्यवाही चलती रही। उधर एसपी कौशाम्बी ने बताया कि लापरवाही के आरोप में सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मरियाडीह निवासी फरहान पुत्र अनीस पहलवान शातिर अपराधी है। राजू पाल हत्याकांड समेत कई सनसनीखेज मामलों में उसका नाम शामिल है। मरियाडीह के अल्कमा-सुरजीत हत्याकांड, छात्रा अपहरण कांड के साथ ही कई मामलों में वह नामजद है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को उसे उमेश पाल अपहरण कांड में पेशी पर कौशाम्बी जेल से कचहरी लाया गया था। उसकी सुरक्षा में एचसीपी भोला सिंह, कांस्टेबल राम सिंह, लवलेश यादव व सुभाष यादव लगे थे। उनका कहना है कि पेशी के बाद वह फरहान को लेकर लौट रहे थे। करीब सवा तीन बजे फरहान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी दौड़े लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका। करीब 8.30 बजे मामले की जानकारी एसपी कौशाम्बी प्रदीप कुमार गुप्ता को दी गई। जिस पर उन्होंने आरआई से रिपोर्ट मांगी। बताया कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश आरआई को दिया गया है। साथ ही प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आने पर आरआई की रिपोर्ट पर सुरक्षा में लगे सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच कराई जा रही है।
सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भले ही कह रहे हों कि फरहान कचहरी परिसर से भागा। हालांकि चर्चा इस बात की भी है कि वह पेशी से लौटते वक्त मरियाडीह स्थित अपने घर पहुंचा था। स्विफ्ट डिजायर कार से पहुंचा फरहान सिपाहियों को बाहर बैठाकर भीतर चला गया। इसके बाद वह पिछले दरवाजे से दो बाइक पर सवार होकर आए तीन लोगों के साथ फरार हो गया। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
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बताया जा रहा है कि फरहान को हाल ही में नैनी जेल से स्थानांतरित किया गया था। बीते पांच फरवरी को उसे कौशाम्बी जेल में शिफ्ट किया गया था। अभी तीन अप्रैल को भी उसे कचहरी में पेशी पर लाया गया था। आरोप यह भी है कि पेशी से लौटते वक्त अक्सर फरहान अपने घर पर रुकता था। हालांकि पुलिस इन आरोपों को निराधार बताती रही।
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पुलिस का कहना है कि मरियाडीह निवासी फरहान पुत्र अनीस पहलवान शातिर अपराधी है। राजू पाल हत्याकांड समेत कई सनसनीखेज मामलों में उसका नाम शामिल है। मरियाडीह के अल्कमा-सुरजीत हत्याकांड, छात्रा अपहरण कांड के साथ ही कई मामलों में वह नामजद है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को उसे उमेश पाल अपहरण कांड में पेशी पर कौशाम्बी जेल से कचहरी लाया गया था। उसकी सुरक्षा में एचसीपी भोला सिंह, कांस्टेबल राम सिंह, लवलेश यादव व सुभाष यादव लगे थे। उनका कहना है कि पेशी के बाद वह फरहान को लेकर लौट रहे थे। करीब सवा तीन बजे फरहान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी दौड़े लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका। करीब 8.30 बजे मामले की जानकारी एसपी कौशाम्बी प्रदीप कुमार गुप्ता को दी गई। जिस पर उन्होंने आरआई से रिपोर्ट मांगी। बताया कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश आरआई को दिया गया है। साथ ही प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आने पर आरआई की रिपोर्ट पर सुरक्षा में लगे सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच कराई जा रही है।
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सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भले ही कह रहे हों कि फरहान कचहरी परिसर से भागा। हालांकि चर्चा इस बात की भी है कि वह पेशी से लौटते वक्त मरियाडीह स्थित अपने घर पहुंचा था। स्विफ्ट डिजायर कार से पहुंचा फरहान सिपाहियों को बाहर बैठाकर भीतर चला गया। इसके बाद वह पिछले दरवाजे से दो बाइक पर सवार होकर आए तीन लोगों के साथ फरार हो गया। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
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बताया जा रहा है कि फरहान को हाल ही में नैनी जेल से स्थानांतरित किया गया था। बीते पांच फरवरी को उसे कौशाम्बी जेल में शिफ्ट किया गया था। अभी तीन अप्रैल को भी उसे कचहरी में पेशी पर लाया गया था। आरोप यह भी है कि पेशी से लौटते वक्त अक्सर फरहान अपने घर पर रुकता था। हालांकि पुलिस इन आरोपों को निराधार बताती रही।