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दुराचार में दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 11 Oct 2016 01:19 AM IST
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जिला न्यायालय में दुराचार का आरोप साबित होने पर आरोपी रामपाल कोल को दस साल की कैद और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह आदेश फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज एके रवि ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रुद्र कुमार को सुनकर दिया है।
अभियोजन के अनुसार मामला शंकरगढ़ थाने के खजुरिया के पास का है। वादिनी पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 मार्च 2013 को वह शंकरगढ़ से फल लेकर अपने घर लौट रही थी कि आरोपी रामपाल कोल मिला और मोबाइल मांगा। इंकार करने पर जबरन झाड़ी में खींच ले गया और गलत काम किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। विवेचना बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए छह गवाह पेश किए। आरोप साबित होने पर अदालत ने आरोपी राम पाल कोल को दस साल की कैद और दस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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अभियोजन के अनुसार मामला शंकरगढ़ थाने के खजुरिया के पास का है। वादिनी पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 मार्च 2013 को वह शंकरगढ़ से फल लेकर अपने घर लौट रही थी कि आरोपी रामपाल कोल मिला और मोबाइल मांगा। इंकार करने पर जबरन झाड़ी में खींच ले गया और गलत काम किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। विवेचना बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए छह गवाह पेश किए। आरोप साबित होने पर अदालत ने आरोपी राम पाल कोल को दस साल की कैद और दस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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