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डांस एकेडमी संचालक ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 23 Jun 2016 01:09 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शांतिपुरम कॉलोनी स्थित डांस एकेडमी में मंगलवार रात संचालक रामजी केसरी (22) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह डांस सीखने वाले बच्चे वहां पहुंचे तो दरवाजे में बाहर ताला लगा था। खिड़की से झांकने पर वह अंदर फांसी पर लटका दिखा। हल्ला मचा तो वहां भीड़ लगी और पुलिस पहुंची। परिवार के लोगों ने भी आकर शक जताया कि यह हत्या का मामला है। हालांकि पुलिस ने चाभी कमरे के भीतर होने से इसे खुदकुशी ही करार दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साफ हो गया कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी मगर वजह साफ नहीं है।
फाफामऊ की पुरानी गली में रहने वाले कमल कुमार केसरी के तीन पुत्रों में रामजी (22) मंझला था। उसने घर से करीब दो किलोमीटर दूर शांतिपुरम कॉलोनी में आरजे डांस एकेडमी खोली थी। वह रोज सुबह ही एकेडमी में बच्चों को डांस की ट्रेनिंग जाता था। उसका पिता कमल केसरी पिछले साल 18 फरवरी को अधिवक्ता राजकुमार मौर्या के भाई शिवकुमार मौर्या को गोली मारकर कत्ल की कोशिश के मामले में नैनी जेल में बंद है। मंगलवार रात घर में भोजन के बाद रामजी घर में यह बताकर निकला कि कुछ काम से जा रहा है। मगर वह रात में फिर घर नहीं वापस आया। बुधवार भोर में बच्चे डांस एकेडमी पहुंचे तो बाहर दरवाजा में ताला लगा था जबकि उस वक्त रोज सुबह क्लास शुरू हो जाती थी। बच्चों ने खिड़की से झांका तो अंदर कमरे में रामजी फांसी पर लटका दिखा। यह देख बच्चे चीखते हुए वहां से निकले।
आसपास के लोग जुट गए। फाफामऊ चौकी में खबर दी गई तो पुलिस पहुंची। रामजी के भाई समेत परिवार के लोग आ गए। महिलाएं रोने-चीखने लगीं। परिजनों ने ताला लगा देख कहा कि रामजी को मारकर लटकाने के बाद कातिल फरार हो गए। पुलिस ने ताला तोड़कर दरवाजा खोला। रामजी ने पगड़ी बांधने में काम आने वाले कपड़े से फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। वह छत के हुक में बंधा फंदा गले में डालकर मेज से कूद गया था। मेज पर ही ताले की चाभी और उसका मोबाइल फोन रखा था। फोन स्विच ऑफ था। मोबाइल का पिन लॉक होने की वजह से उसे पुलिस खोल भी नहीं सकी। पुलिस का अनुमान है कि रामजी ने खुद बाहर दरवाजे में ताला लगाया, फिर खिड़की की जाली हटाकर अंदर गया और आत्महत्या कर ली। हालांकि खुदकुशी की वजह कोई नहीं बता सका है। परिवार के लोग भी कुछ ऐसा नहीं बता सके जिससे पता चलता कि आखिर रामजी ने ऐसा क्यों किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यही साबित हुआ कि रामजी ने फांसी लगाई थी। मौके पर पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुलाकर जांच की थी। चाचा गुड्डू ने पुलिस को घटना के बारे में लिखित जानकारी दी।
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फाफामऊ की पुरानी गली में रहने वाले कमल कुमार केसरी के तीन पुत्रों में रामजी (22) मंझला था। उसने घर से करीब दो किलोमीटर दूर शांतिपुरम कॉलोनी में आरजे डांस एकेडमी खोली थी। वह रोज सुबह ही एकेडमी में बच्चों को डांस की ट्रेनिंग जाता था। उसका पिता कमल केसरी पिछले साल 18 फरवरी को अधिवक्ता राजकुमार मौर्या के भाई शिवकुमार मौर्या को गोली मारकर कत्ल की कोशिश के मामले में नैनी जेल में बंद है। मंगलवार रात घर में भोजन के बाद रामजी घर में यह बताकर निकला कि कुछ काम से जा रहा है। मगर वह रात में फिर घर नहीं वापस आया। बुधवार भोर में बच्चे डांस एकेडमी पहुंचे तो बाहर दरवाजा में ताला लगा था जबकि उस वक्त रोज सुबह क्लास शुरू हो जाती थी। बच्चों ने खिड़की से झांका तो अंदर कमरे में रामजी फांसी पर लटका दिखा। यह देख बच्चे चीखते हुए वहां से निकले।
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आसपास के लोग जुट गए। फाफामऊ चौकी में खबर दी गई तो पुलिस पहुंची। रामजी के भाई समेत परिवार के लोग आ गए। महिलाएं रोने-चीखने लगीं। परिजनों ने ताला लगा देख कहा कि रामजी को मारकर लटकाने के बाद कातिल फरार हो गए। पुलिस ने ताला तोड़कर दरवाजा खोला। रामजी ने पगड़ी बांधने में काम आने वाले कपड़े से फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। वह छत के हुक में बंधा फंदा गले में डालकर मेज से कूद गया था। मेज पर ही ताले की चाभी और उसका मोबाइल फोन रखा था। फोन स्विच ऑफ था। मोबाइल का पिन लॉक होने की वजह से उसे पुलिस खोल भी नहीं सकी। पुलिस का अनुमान है कि रामजी ने खुद बाहर दरवाजे में ताला लगाया, फिर खिड़की की जाली हटाकर अंदर गया और आत्महत्या कर ली। हालांकि खुदकुशी की वजह कोई नहीं बता सका है। परिवार के लोग भी कुछ ऐसा नहीं बता सके जिससे पता चलता कि आखिर रामजी ने ऐसा क्यों किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यही साबित हुआ कि रामजी ने फांसी लगाई थी। मौके पर पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुलाकर जांच की थी। चाचा गुड्डू ने पुलिस को घटना के बारे में लिखित जानकारी दी।
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