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हत्या के आरोपी ने जेल में की खुद का गला घोंटने की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 24 Jan 2015 11:40 PM IST
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सतपाल महाराज के शिष्य रत्नेश्वरानंद की हत्या के आरोपी राजेश गौड़ (23) ने शनिवार दोपहर नैनी सेंट्रल जेल के सर्किल छह के बाथरूम में मफलर से अपना गला घोंटने की कोशिश की। बेहोश हो जाने पर बाथरूम में ही मुंह के बल गिर पड़ा। उसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। खबर मिलते ही जेल में हड़कंप मच गया। राजेश को जेल के ही अस्पताल ले जाया गया लेकिन होश न आने पर शनिवार शाम एसआरएन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। रात 7.30 बजे होश आने पर उसको वापस जेल भेज दिया गया।
राजेश गौड़ जेल के सर्किल चार में बंद है। वह शनिवार दोपहर 3.30 बजे सर्किल छह के बाथरूम में गया था। उसे केलाराम नाम के बंदी ने बेहोशी की हालत में देखा। राजेश के नाक और मुंह से खून बह रहा था। पहले बताया गया कि पांव फिसल जाने से वह घायल हुआ। उसके गले में मफलर कसा हुआ था। इससे बाद आशंका जताई जाने लगी कि उसने खुद का गला घोंटकर जान देने की कोशिश की। एसआरएन और एक निजी अस्पताल में उसका एक्सरे करवाया गया। उसके गले में कोई चोट नहीं मिली। नाक में भी मामूली चोट थी। जेल के अफसर यह मान रहे हैं कि राजेश ने जेल से बाहर निकलने के लिए यह कदम उठाया। इस घटना से इतना तो तय हो गया है कि अब उसको जेल में बाकी का समय कड़े पहरे में बिताना होगा।
कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के बाबू छपरा गांव के रहने वाले राजेश गौड़ ने मौनी अमावस्या के एक दिन पहले 19 जनवरी की रात माघ मेला शिविर में रत्नेश्वरानंद की फावड़े से हत्या कर दी थी। इसके बाद वह बस से दिल्ली भाग गया था। सतपाल महाराज के पंजाबी बाग स्थित आश्रम से क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस की मदद से उसे दबोच लिया था। उसे लेकर क्राइम ब्रांच 21 जनवरी को इलाहाबाद पहुंची थी। राजेश को 22 जनवरी को जेल भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक सेविका के सामने पड़ी डांट का बदला लेने के लिए राजेश ने रत्नेश्वरानंद की हत्या की थी।
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राजेश गौड़ जेल के सर्किल चार में बंद है। वह शनिवार दोपहर 3.30 बजे सर्किल छह के बाथरूम में गया था। उसे केलाराम नाम के बंदी ने बेहोशी की हालत में देखा। राजेश के नाक और मुंह से खून बह रहा था। पहले बताया गया कि पांव फिसल जाने से वह घायल हुआ। उसके गले में मफलर कसा हुआ था। इससे बाद आशंका जताई जाने लगी कि उसने खुद का गला घोंटकर जान देने की कोशिश की। एसआरएन और एक निजी अस्पताल में उसका एक्सरे करवाया गया। उसके गले में कोई चोट नहीं मिली। नाक में भी मामूली चोट थी। जेल के अफसर यह मान रहे हैं कि राजेश ने जेल से बाहर निकलने के लिए यह कदम उठाया। इस घटना से इतना तो तय हो गया है कि अब उसको जेल में बाकी का समय कड़े पहरे में बिताना होगा।
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कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के बाबू छपरा गांव के रहने वाले राजेश गौड़ ने मौनी अमावस्या के एक दिन पहले 19 जनवरी की रात माघ मेला शिविर में रत्नेश्वरानंद की फावड़े से हत्या कर दी थी। इसके बाद वह बस से दिल्ली भाग गया था। सतपाल महाराज के पंजाबी बाग स्थित आश्रम से क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस की मदद से उसे दबोच लिया था। उसे लेकर क्राइम ब्रांच 21 जनवरी को इलाहाबाद पहुंची थी। राजेश को 22 जनवरी को जेल भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक सेविका के सामने पड़ी डांट का बदला लेने के लिए राजेश ने रत्नेश्वरानंद की हत्या की थी।
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