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पार्सल कोच की प्लाई काटकर उड़ा देते थे बुकिंग का माल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:57 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने रविवार को चोरों के एक शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है। चोरों का यह गैंग ट्रेन के एसएलआर कोच के शौचालय के रास्ते प्लाई काट कर पार्सल यान में रखे माल पर आसानी से हाथ फेर देेता। फिर माल को अपने ठिकाने पर ले जाकर उसकी नई पैकिंग कर मार्केट में आसानी से खपा देते। आरपीएफ ने गिरोह के कुल 13 चोरों को पकड़ा है। खास बात यह है कि इस गिरोह का सरगना भी आरपीएफ के हाथ लगा है। दो वर्ष पूर्व इसी तरह की चोरी की वारदात में गिरोह का सरगना पकड़ा जा चुका है। चोरों के पास से पैकिंग मशीन, बड़े पेचकस, कटर आदि भी बरामद हुए हैं।
आरपीएफ के अखिलेश सिंह, मो. असलम, सुरेंद्र पासवान, शशिभूषण मिश्र, जर्नादन सिंह, डीके मिश्र, विनोद यादव आदि रविवार की दोपहर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात-आठ पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कुछ युवकों पर पड़ी। यहां छह युवक बड़े-बड़े पैकेट के साथ खड़े हुए थे। आरपीएफ ने जब पैकेट के कागजात मांगे तो युवक एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। सख्ती की गई कि युवकों ने बताया कि यह सारा माल चोरी का है। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वे सभी शाहगंज स्थित एक मुसाफिर खाना लॉज में रुके हुए हैं। युवकों को लेकर आरपीएफ की टीम लॉज पहुंची। वहां गिरोह के बाकी सदस्य सरगना समेत पकड़े गए।
लॉज के एक कमरे में भी चोरी का काफी माल रखा हुआ था। ज्यादातर पैकेट में कपड़े, जूते चप्पल, साड़ी आदि सामान मिले। पूछताछ के दौरान चोरों ने बताया कि वह कानपुर से मुगलसराय के बीच चलने वाली ट्रेनों में सफर के दौरान बीच रास्ते एसएलआर कोच के बाथरूम में घुसकर औजारों की मदद से प्लाई काट कर पार्सल यान में दाखिल हो जाते थे। पार्सल यान में रखे सामान की छानबीन कर उसमें से अच्छे सामान दूसरे बैग में डालते और पूरा सामान लेकर उतर जाते। बाद में चोरी के माल की पैकिंग कर उसे दूसरे शहरों में भेज देते। आरपीएफ प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि पकड़े गए सरगना का नाम मो. फिरोज अंसारी है, जो बिहार के साहेबगंज का निवासी है।
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इसके अलावा सोनू सिंह, सनी कुमार, राहुल कुमार, मो. सैफ, लखन, मनोज सिंह, मो. नईम रजा, मो. अशफाक, मो. अमन, मो. शदबाद, साबिर शेख आदि हैं। मनोज सिंह कोलकाता का है बाकी युवक बिहार के साहेबगंज के ही हैं। सभी की उम्र 20 या उससे कम है। आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना दो वर्ष पहले भी पकड़ा गया था। इन सभी के खिलाफ आरपी यूपी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
तीन सितंबर 2014 को भी आरपीएफ इलाहाबाद की टीम ने इसी तरह के 15 चोरों को गिरफ्तार किया था। तब भी इस गिरोह में मो. फिरोज अंसारी को पकड़ा गया था। उस दौरान नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के एसएलआर कोच से कुछ पार्सल पैकेट निकाल रहे तीन लड़कों को पकड़ा गया था। उनसे पूछताछ के बाद कुल मिलाकर 15 लोग पकड़े गए थे। हालांकि तब गिरोह के 12 सदस्य कानपुर से पकड़े गए थे।
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आरपीएफ के अखिलेश सिंह, मो. असलम, सुरेंद्र पासवान, शशिभूषण मिश्र, जर्नादन सिंह, डीके मिश्र, विनोद यादव आदि रविवार की दोपहर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात-आठ पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कुछ युवकों पर पड़ी। यहां छह युवक बड़े-बड़े पैकेट के साथ खड़े हुए थे। आरपीएफ ने जब पैकेट के कागजात मांगे तो युवक एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। सख्ती की गई कि युवकों ने बताया कि यह सारा माल चोरी का है। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वे सभी शाहगंज स्थित एक मुसाफिर खाना लॉज में रुके हुए हैं। युवकों को लेकर आरपीएफ की टीम लॉज पहुंची। वहां गिरोह के बाकी सदस्य सरगना समेत पकड़े गए।
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लॉज के एक कमरे में भी चोरी का काफी माल रखा हुआ था। ज्यादातर पैकेट में कपड़े, जूते चप्पल, साड़ी आदि सामान मिले। पूछताछ के दौरान चोरों ने बताया कि वह कानपुर से मुगलसराय के बीच चलने वाली ट्रेनों में सफर के दौरान बीच रास्ते एसएलआर कोच के बाथरूम में घुसकर औजारों की मदद से प्लाई काट कर पार्सल यान में दाखिल हो जाते थे। पार्सल यान में रखे सामान की छानबीन कर उसमें से अच्छे सामान दूसरे बैग में डालते और पूरा सामान लेकर उतर जाते। बाद में चोरी के माल की पैकिंग कर उसे दूसरे शहरों में भेज देते। आरपीएफ प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि पकड़े गए सरगना का नाम मो. फिरोज अंसारी है, जो बिहार के साहेबगंज का निवासी है।
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इसके अलावा सोनू सिंह, सनी कुमार, राहुल कुमार, मो. सैफ, लखन, मनोज सिंह, मो. नईम रजा, मो. अशफाक, मो. अमन, मो. शदबाद, साबिर शेख आदि हैं। मनोज सिंह कोलकाता का है बाकी युवक बिहार के साहेबगंज के ही हैं। सभी की उम्र 20 या उससे कम है। आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना दो वर्ष पहले भी पकड़ा गया था। इन सभी के खिलाफ आरपी यूपी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
तीन सितंबर 2014 को भी आरपीएफ इलाहाबाद की टीम ने इसी तरह के 15 चोरों को गिरफ्तार किया था। तब भी इस गिरोह में मो. फिरोज अंसारी को पकड़ा गया था। उस दौरान नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के एसएलआर कोच से कुछ पार्सल पैकेट निकाल रहे तीन लड़कों को पकड़ा गया था। उनसे पूछताछ के बाद कुल मिलाकर 15 लोग पकड़े गए थे। हालांकि तब गिरोह के 12 सदस्य कानपुर से पकड़े गए थे।