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लापरवाही में चली गई महिला की जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 02 Nov 2015 01:38 AM IST
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फूलपुर (ब्यूरो)। थोड़ी सी लापरवाही के चलते एक महिला की ट्रेन ने जान ले ली। ट्रेन की चपेट में आने से उसका शरीर कई टुकड़ों में विभाजित होकर रेलवे फाटक से करीब सौ मीटर दूर तक चला गया। रविवार शाम कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन से हुए हादसे से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक घटना का नजारा देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के बसनेहटा गांव के रहने वाले अमृतलाल यादव प्राथमिक विद्यालय बसनेहटा में हेड मास्टर हैं। उनकी पत्नी सावित्री देवी (55) इकलौते बेटे अवधेश कुमार के साथ रविवार शाम करीब पांच बजे घर से जौनपुर जनपद के पवारा इलाके में अपनी मृत बहन का देखने के लिए जा रही थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे जैसे ही उग्रसेनपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी क्रासिंग पर पहुंची ही थी कि रेलवे फाटक बंद था।
बेटा तो बाइक लेकर खड़ा हो गया लेकिन सावित्री देवी जल्दबाजी के चक्कर में पैदल ही रेलवे ट्रैक पार करने लगी। इसी बीच मुंबई से वाराणसी की ओर जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन आ गई और चपेट में आने से वृद्ध महिला का शरीर कई टुकड़ाें में विभाजित हो गया। ट्रेन गुजरी तो आस-पास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुँचे घर में कोहराम मच गया तथा गांव में मातम छा गया। पुलिस और जीआरपी भी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया।
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इकलौते बेटे अवधेश कुमार यादव की आंखों के सामने मां सावित्री देवी की दर्दनाक मौत का हादसा देख उसका कलेजा ही दहल गया। वह रो-रोकर यही कह रहा था कि ट्रेन आने से पहले ही उसने मां को क्रासिंग पार करने से रोका था लेकिन बहन की मौत के गम में परेशान सावित्री नही मानी और रेलवे ट्रैक पार करने लगी, इसी बीच ट्रेन आ गई और काल के गाल में समा गई।
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फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के बसनेहटा गांव के रहने वाले अमृतलाल यादव प्राथमिक विद्यालय बसनेहटा में हेड मास्टर हैं। उनकी पत्नी सावित्री देवी (55) इकलौते बेटे अवधेश कुमार के साथ रविवार शाम करीब पांच बजे घर से जौनपुर जनपद के पवारा इलाके में अपनी मृत बहन का देखने के लिए जा रही थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे जैसे ही उग्रसेनपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी क्रासिंग पर पहुंची ही थी कि रेलवे फाटक बंद था।
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बेटा तो बाइक लेकर खड़ा हो गया लेकिन सावित्री देवी जल्दबाजी के चक्कर में पैदल ही रेलवे ट्रैक पार करने लगी। इसी बीच मुंबई से वाराणसी की ओर जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन आ गई और चपेट में आने से वृद्ध महिला का शरीर कई टुकड़ाें में विभाजित हो गया। ट्रेन गुजरी तो आस-पास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुँचे घर में कोहराम मच गया तथा गांव में मातम छा गया। पुलिस और जीआरपी भी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया।
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इकलौते बेटे अवधेश कुमार यादव की आंखों के सामने मां सावित्री देवी की दर्दनाक मौत का हादसा देख उसका कलेजा ही दहल गया। वह रो-रोकर यही कह रहा था कि ट्रेन आने से पहले ही उसने मां को क्रासिंग पार करने से रोका था लेकिन बहन की मौत के गम में परेशान सावित्री नही मानी और रेलवे ट्रैक पार करने लगी, इसी बीच ट्रेन आ गई और काल के गाल में समा गई।