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नीलगाय से टकराई बाइक, दरोगा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Sat, 08 Dec 2018 01:25 AM IST
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accident
- फोटो : graphic
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कुंभ मेला में तैनात दरोगा मनीष यादव की बाइक शुक्रवार की शाम नीलगाय से टकरा गई। हेलमेट न पहनने की वजह से उनके सिर में गंभीर चोट आई। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। हादसा झूंसी के मुंशी का पूरा गांव के पास हुआ। वह कुंभ मेला क्षेत्र से अपने घर थरवई जा रहे थे। सूचना मिलते ही आईजी, डीआईजी और एसएसपी समेत जिले और कुंभ के आला अफसर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। दरोगा के शव का रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया।
मूल रूप से थरवई के डूरीबाग गांव के रहने वाले मनीष यादव (25) पुलिस महकमे में दरोगा थे। उनकी पोस्टिंग गाजीपुर के नक्सरहाल्ट थाने में थी। हाल में ही कुंभ मेला ड्यूटी पर वह प्रयागराज आए थे। शुक्रवार की शाम ड्यूटी के बाद मनीष बाइक से डूरीबाग स्थित अपने गांव के लिए चल दिए। वह जैसे ही झूंसी के मुंशी का पुरवा के पास पहुंचे, सामने से एक नीलगाय आ गई। मनीष संभल नहीं पाए। तेज रफ्तार बाइक सीधे नीलगाय से टकराई और मनीष उछलकर दूर जा गिरे। उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। आसपास के लोग उन्हें पास के अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही घर में हाहाकार मच गया। पिता और भाइयों समेत तमाम रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी कुंभ केपी सिंह, एसएसपी नितिन तिवारी समेत तमाम आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। दरोगा का पोस्टमार्टम रात में ही करा दिया गया। गाजीपुर में भी सूचना भेज दी गई। वहां से भी तमाम लोग प्रयागराज के लिए चल दिए थे।
थरवई के डूरीपुर के रहने वाले सब इंस्पेक्टर मनीष यादव की मौत की सूचना जिसने सुनी स्तब्ध रह गया। मनीष की नौकरी सवा साल पहले लगी थी। इसी साल अप्रैल महीने में विभा से मनीष की शादी हुई थी। पत्नी अभी गांव में ही थी। विभा और मां लक्ष्मी देवी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं। मनीष के पिता भुल्लर यादव उत्तरांचल में एक कालेज में लेक्चरर थे। रिटायरमेंट के बाद गांव में ही रहते हैं। मनीष के सबसे बड़े भाई रविशंकर सीआरपीएफ में हैं। दूसरे नंबर के हरिशंकर घर पर रहते हैं। मनीष तीसरे नंबर पर थे। चौथा गोपाल भी घर पर रहता है। दो बहनें भी हैं। मनीष का हंसता-खेलता परिवार एक झटके में बिखर गया। मनीष की पोस्टिंग गाजीपुर में थी। जब कुंभ मेला के लिए उनका चयन हुआ तो वह खुश हो गए थे। यहां आने के बाद ड्यूटी खत्म होने पर अक्सर वह बाइक से घर चले जाते थे।
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मूल रूप से थरवई के डूरीबाग गांव के रहने वाले मनीष यादव (25) पुलिस महकमे में दरोगा थे। उनकी पोस्टिंग गाजीपुर के नक्सरहाल्ट थाने में थी। हाल में ही कुंभ मेला ड्यूटी पर वह प्रयागराज आए थे। शुक्रवार की शाम ड्यूटी के बाद मनीष बाइक से डूरीबाग स्थित अपने गांव के लिए चल दिए। वह जैसे ही झूंसी के मुंशी का पुरवा के पास पहुंचे, सामने से एक नीलगाय आ गई। मनीष संभल नहीं पाए। तेज रफ्तार बाइक सीधे नीलगाय से टकराई और मनीष उछलकर दूर जा गिरे। उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। आसपास के लोग उन्हें पास के अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही घर में हाहाकार मच गया। पिता और भाइयों समेत तमाम रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी कुंभ केपी सिंह, एसएसपी नितिन तिवारी समेत तमाम आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। दरोगा का पोस्टमार्टम रात में ही करा दिया गया। गाजीपुर में भी सूचना भेज दी गई। वहां से भी तमाम लोग प्रयागराज के लिए चल दिए थे।
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थरवई के डूरीपुर के रहने वाले सब इंस्पेक्टर मनीष यादव की मौत की सूचना जिसने सुनी स्तब्ध रह गया। मनीष की नौकरी सवा साल पहले लगी थी। इसी साल अप्रैल महीने में विभा से मनीष की शादी हुई थी। पत्नी अभी गांव में ही थी। विभा और मां लक्ष्मी देवी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं। मनीष के पिता भुल्लर यादव उत्तरांचल में एक कालेज में लेक्चरर थे। रिटायरमेंट के बाद गांव में ही रहते हैं। मनीष के सबसे बड़े भाई रविशंकर सीआरपीएफ में हैं। दूसरे नंबर के हरिशंकर घर पर रहते हैं। मनीष तीसरे नंबर पर थे। चौथा गोपाल भी घर पर रहता है। दो बहनें भी हैं। मनीष का हंसता-खेलता परिवार एक झटके में बिखर गया। मनीष की पोस्टिंग गाजीपुर में थी। जब कुंभ मेला के लिए उनका चयन हुआ तो वह खुश हो गए थे। यहां आने के बाद ड्यूटी खत्म होने पर अक्सर वह बाइक से घर चले जाते थे।
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