{"_id":"5b314a614f1c1b254d8b86d6","slug":"advocate-in-allahabad-shot-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाहाबाद में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाहाबाद में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगापार के नवाबगंज इलाके में हंडिया-कोखराज बाईपास पर सोमवार की सुबह बदमाशों ने राजस्व व चकबंदी के वरिष्ठ वकील की गोली मारकर हत्या कर दी। वह बाइक से सोरांव तहसील जा रहे थे, तभी बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। वकील की हत्या की सूचना मिलते ही शहर में अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। उन्होंने एसएसपी आफिस के सामने हंगामा करते हुए शव रखकर जाम लगा दिया। मंडलीय चिकित्सालय एसआरएन में भी जमकर हंगामा किया गया। बाद में 20 लाख के मुआवजे की बात पर वे शांत हुए
नवाबगंज के चफरी गांव के रहने वाले लाल बचन स्वर्णकार (60) अधिवक्ता थे। वे जिले की विभिन्न तहसीलों में जमीन के मामलों की वकालत करते थे। उनके दो पुत्र पंकज और पियूष जिला न्यायालय और तहसील सोरांव में अधिवक्ता हैं। सोमवार की सुबह करीब दस बजे लाल बचन सोरांव तहसील जाने के लिए बाइक से निकले। जैसे ही नेशनल हाईवे के हंडिया कोखराज बाईपास पर नेम तिवारी का पूरा गांव के पास पहुंचे, बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। लाल बचन को फाफामऊ स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही शहर में वकील आक्रोशित हो उठे।
वे बड़ी संख्या में एसएसपी आफिस पहुंच गए और शव रखकर जाम लगा दिया। मुआवजे का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर शव को एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। लेकिन वहां भी हंगामा शुरू हो गया। आईजी रमित शर्मा, डीएम सुहास एलवाई और एसएसपी नितिन तिवारी ने किसी तरह स्थिति संभाली। डीएम ने आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से 20 लाख के मुआवजे संस्तुति तो करेंगे ही अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी परिजनों की मदद होगी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वकील लाल बचन के बेटे ने हत्या में नवाबगंज के सदाशिव उर्फ छोटे बच्चा तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई है।
विज्ञापन
वकील की हत्या में एक को नामजद किया गया है। घर वालों के मुताबिक एक मुकदमे की पैरवी को लेकर विवाद चल रहा था। उसकी तलाश की जा रही है। घटना में शामिल शूटरों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। नितिन तिवारी, एसएसपी इलाहाबाद।
विज्ञापन
नवाबगंज के चफरी गांव के रहने वाले लाल बचन स्वर्णकार (60) अधिवक्ता थे। वे जिले की विभिन्न तहसीलों में जमीन के मामलों की वकालत करते थे। उनके दो पुत्र पंकज और पियूष जिला न्यायालय और तहसील सोरांव में अधिवक्ता हैं। सोमवार की सुबह करीब दस बजे लाल बचन सोरांव तहसील जाने के लिए बाइक से निकले। जैसे ही नेशनल हाईवे के हंडिया कोखराज बाईपास पर नेम तिवारी का पूरा गांव के पास पहुंचे, बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। लाल बचन को फाफामऊ स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही शहर में वकील आक्रोशित हो उठे।
विज्ञापन
वे बड़ी संख्या में एसएसपी आफिस पहुंच गए और शव रखकर जाम लगा दिया। मुआवजे का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर शव को एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। लेकिन वहां भी हंगामा शुरू हो गया। आईजी रमित शर्मा, डीएम सुहास एलवाई और एसएसपी नितिन तिवारी ने किसी तरह स्थिति संभाली। डीएम ने आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से 20 लाख के मुआवजे संस्तुति तो करेंगे ही अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी परिजनों की मदद होगी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वकील लाल बचन के बेटे ने हत्या में नवाबगंज के सदाशिव उर्फ छोटे बच्चा तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई है।
विज्ञापन
वकील की हत्या में एक को नामजद किया गया है। घर वालों के मुताबिक एक मुकदमे की पैरवी को लेकर विवाद चल रहा था। उसकी तलाश की जा रही है। घटना में शामिल शूटरों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। नितिन तिवारी, एसएसपी इलाहाबाद।