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साइड स्टोरी आतंकी हमला
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राम जन्मभूमि
आतंकी हमले में दर्ज हुए थे दस मुकदमे
राम जन्मभूमि पर हुए आतंकी हमले में पुलिस ने दस अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। मुख्य केस अपराध संख्या 157 सन 2005 को बनाया गया जबकि अपराध संख्या 158 से लेकर 166 तक की एफआईआर में आर्म्स एक्ट के पांच और विस्फोटक अधिनियम के चार मुकदमे दर्ज किए गए। घटना में शामिल पांचों आतंकियों के मौके पर सुरक्षा बलों द्वारा मार दिए जाने के बाद पुलिस ने अपराध संख्या 157 को छोड़ कर अन्य नौ मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट लगा दी । विवेचक द्वारा अपराध संख्या 157 की विवेचना ऐसे किसी षड़यंत्र के खुुलासे की संभावना पर प्रचलित की गई थी। विवेचना बाद साजिश और घटना में सहयोग करने वाले पांचों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148,149, 307, 302, 120बी, 353,153,153ए,153 बी,295 , सात क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट, चार लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 16,18,19,20 विधि विरुद्ध गतिविधियां निवारण संशोधन अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
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पांच आतंकियों में सिर्फ एक की हुई पहचान
हमले के दौरान मारे गए पांचों आतंकियों में से सिर्फ एक की पहचान अरशद नाम से विवेचना के दौरान हो सकी। शेष चारों आतंकियों की पहचान नहीं की जा सकी थी। पहले आतंकी के शव के पास से एके 47 रायफल, कारतूस, चाइनीज पिस्टल, एक धार्मिक पुस्तक का गुटखा। आतंकी संख्या दो के पास से पांच ग्रेनेड, एके 47,रायफल और 29 कारतूस, और चार ग्रनेड, आतंकी संख्या तीन के शव के पास से एके 47 रायफल,मैगजीन, राकेट लांचर टयूब,और कारतूस बरामद हुआ था । यह आतंकी मानव बम बना था। आतंकी संख्या चार के शव के पास से एके 47 रायफल, कारतूस, पिस्टल और राकेट लांचर और ग्रेनेड जबकि आतंकी संख्या पंाच के शव के पास से एके 47 रायफल, कारतूस, मैगजीन, ग्रेनेड आदि बरामद हुआ था।
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आतंकी हमले में दर्ज हुए थे दस मुकदमे
राम जन्मभूमि पर हुए आतंकी हमले में पुलिस ने दस अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। मुख्य केस अपराध संख्या 157 सन 2005 को बनाया गया जबकि अपराध संख्या 158 से लेकर 166 तक की एफआईआर में आर्म्स एक्ट के पांच और विस्फोटक अधिनियम के चार मुकदमे दर्ज किए गए। घटना में शामिल पांचों आतंकियों के मौके पर सुरक्षा बलों द्वारा मार दिए जाने के बाद पुलिस ने अपराध संख्या 157 को छोड़ कर अन्य नौ मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट लगा दी । विवेचक द्वारा अपराध संख्या 157 की विवेचना ऐसे किसी षड़यंत्र के खुुलासे की संभावना पर प्रचलित की गई थी। विवेचना बाद साजिश और घटना में सहयोग करने वाले पांचों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148,149, 307, 302, 120बी, 353,153,153ए,153 बी,295 , सात क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट, चार लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 16,18,19,20 विधि विरुद्ध गतिविधियां निवारण संशोधन अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
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पांच आतंकियों में सिर्फ एक की हुई पहचान
हमले के दौरान मारे गए पांचों आतंकियों में से सिर्फ एक की पहचान अरशद नाम से विवेचना के दौरान हो सकी। शेष चारों आतंकियों की पहचान नहीं की जा सकी थी। पहले आतंकी के शव के पास से एके 47 रायफल, कारतूस, चाइनीज पिस्टल, एक धार्मिक पुस्तक का गुटखा। आतंकी संख्या दो के पास से पांच ग्रेनेड, एके 47,रायफल और 29 कारतूस, और चार ग्रनेड, आतंकी संख्या तीन के शव के पास से एके 47 रायफल,मैगजीन, राकेट लांचर टयूब,और कारतूस बरामद हुआ था । यह आतंकी मानव बम बना था। आतंकी संख्या चार के शव के पास से एके 47 रायफल, कारतूस, पिस्टल और राकेट लांचर और ग्रेनेड जबकि आतंकी संख्या पंाच के शव के पास से एके 47 रायफल, कारतूस, मैगजीन, ग्रेनेड आदि बरामद हुआ था।
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