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अदालत परिसर में हार्ट अटैक से मौत
Updated Tue, 29 Aug 2017 08:51 PM IST
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अदालत परिसर में हार्ट अटैक से युवक की मौत
- बिना इलाज तड़पकर दम तोड़ा, डॉक्टर था लापता, एंबुलेंस भी नहीं आई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जिला अदालत में सिविल मुकदमे की पैरवी में आए कीडगंज के एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। दौरा पड़ने से तड़प रहे व्यक्ति के इलाज को डॉक्टर नहीं मिला तो अस्पताल ले जाने को एंबुलेंस भी नहीं आई। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी रही। परिजन शव को अंत्येष्टि के लिए ले गए।
मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे की घटना है। जिला न्यायालय के अधिवक्ता नवीन सिन्हा के पास कृष्णा नगर कीडगंज निवासी शशिभान (35) मुकदमे की पैरवी में आया था। अधिवक्ता की मौजूदगी में वह किसी से फोन पर बात कर रहा था, तभी अचानक उसे चक्कर आया और वह गश खाकर गिर गया। चैंबर के अधिवक्ताओं की मदद से उसे उठाकर तख्त पर लेटा दिया गया। परिसर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ही नहीं थे। कुछ देर बाद डॉक्टर की बजाय कंपाउंडर आया, मगर तब तक शशिभान की सांस थम चुकी थी। इस बीच अधिवक्ता सिन्हा ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस भी नहीं आई। कुछ देर बाद कर्नलगंज थाने की पुलिस पहुंची। शशिभान के साथ उसकी बहन और भांजा मौजूद था। फिर परिवार के और भी लोग आ गए। माना गया कि शशिभान की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। परिवार के लोग ने पोस्टमार्टम नहीं कराने का आग्रह किया तो पुलिस ने पंचनामा भरकर शव ले जाने दिया। चौकी प्रभारी कटरा दयाराम के मुताबिक, बीमारी से मौत की वजह से परिजनों को शव सौंप दिया गया। घटना के समय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में वकील जुट गए थे। अधिवक्ता वीके राय ने परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर नदारद रहने और एंबुलेंस के नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की। समय पर इलाज मिलने पर शशिभान की जान बच सकती थी। ऐसे में जरूरी है कि अदालत परिसर में सुबह से शाम तक डॉक्टर और एंबुलेंस की मौजदूगी रहे।
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- बिना इलाज तड़पकर दम तोड़ा, डॉक्टर था लापता, एंबुलेंस भी नहीं आई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जिला अदालत में सिविल मुकदमे की पैरवी में आए कीडगंज के एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। दौरा पड़ने से तड़प रहे व्यक्ति के इलाज को डॉक्टर नहीं मिला तो अस्पताल ले जाने को एंबुलेंस भी नहीं आई। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी रही। परिजन शव को अंत्येष्टि के लिए ले गए।
मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे की घटना है। जिला न्यायालय के अधिवक्ता नवीन सिन्हा के पास कृष्णा नगर कीडगंज निवासी शशिभान (35) मुकदमे की पैरवी में आया था। अधिवक्ता की मौजूदगी में वह किसी से फोन पर बात कर रहा था, तभी अचानक उसे चक्कर आया और वह गश खाकर गिर गया। चैंबर के अधिवक्ताओं की मदद से उसे उठाकर तख्त पर लेटा दिया गया। परिसर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ही नहीं थे। कुछ देर बाद डॉक्टर की बजाय कंपाउंडर आया, मगर तब तक शशिभान की सांस थम चुकी थी। इस बीच अधिवक्ता सिन्हा ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस भी नहीं आई। कुछ देर बाद कर्नलगंज थाने की पुलिस पहुंची। शशिभान के साथ उसकी बहन और भांजा मौजूद था। फिर परिवार के और भी लोग आ गए। माना गया कि शशिभान की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। परिवार के लोग ने पोस्टमार्टम नहीं कराने का आग्रह किया तो पुलिस ने पंचनामा भरकर शव ले जाने दिया। चौकी प्रभारी कटरा दयाराम के मुताबिक, बीमारी से मौत की वजह से परिजनों को शव सौंप दिया गया। घटना के समय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में वकील जुट गए थे। अधिवक्ता वीके राय ने परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर नदारद रहने और एंबुलेंस के नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की। समय पर इलाज मिलने पर शशिभान की जान बच सकती थी। ऐसे में जरूरी है कि अदालत परिसर में सुबह से शाम तक डॉक्टर और एंबुलेंस की मौजदूगी रहे।
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