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बिहार बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाकर मार्कशीट देने वाले गिरोह का भंडाफोड़

Tue, 25 Sep 2018 10:48 PM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:48 PM IST
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बिहार बोर्ड की फर्जी  वेबसाइट बनाकर मार्कशीट देने वाले गिरोह का भंडाफोड़
मेरठ के लिए भी उपयोगी)
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बिहार बोर्ड के फर्जी अंकपत्र
बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़
- स्कूल संचालक गिरफ्तार, बड़ी संख्या में मार्कशीट, सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद
- बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड और वेस्ट बंगाल काउंसिल आफ रवींद्र ओपन स्कूल की फर्जी वेबसाइट बनाई
इलाहाबाद। एसटीएफ ने धूमनगंज के मुंडेरा स्थित एक स्कूल में मंगलवार को छापा मारकर बिहार संस्कृत बोर्ड और वेस्ट बंगाल रवींद्र ओपन स्कूल की फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मेरठ के दो शिक्षा माफिया को भी नामजद किया गया है। जाली मार्कशीट और सर्टिफिकेट 20 से 50 हजार रुपयों में बेचे जाते थे। मौके से बड़ी संख्या में जाली मार्कशीट समेत तमाम कागजात मिले हैं।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाकर जाली मार्कशीट और सर्टिफिकेट आदि बेचे जा रहे हैं। एसटीएफ इंस्पेक्टर केशव चंद्र राय के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को धूमनगंज के मुंडेरा स्थित आईकान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में छापा मारा और नितेश राजपूत निवासी मंझनपुर हाल पता मुंडेरा को गिरफ्तार कर लिया। वहां से बड़ी संख्या में मार्कशीट, सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन कार्ड, एडमिट कार्ड, मुहरें, लैपटाप, मोबाइल, पिस्टल और एक कार बरामद की गई। नितेश से पूछताछ में पता चला कि वह नितेश स्टडी सेंटर भी चलाता है। इंटरनेट पर जस्ट डायल में उसने अपना प्रोफाइल बनाया था। मेल और नंबर के माध्यम से मेरठ के प्रवीण सिंह और अजय कुमार से संपर्क हुआ। दोनों जाली मार्कशीट का बड़ा धंधा करते हैं। उनके माध्यम से ही नितेश ने यह काम शुरू किया। छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही 20 से 50 हजार रुपयों में मार्कशीट और सर्टिफिकेट उपलब्ध करा दिए जाते थे। सभी एक गिरोह की तरह काम करने लगे। बाद में बिहार बोर्ड की फर्जी वेबसाइट भी बना ली गई। इसके बाद इलाहाबाद में ही अंकपत्र, सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार किए जाने लगे। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि इस मामले में कई माफिया के नाम सामने आए हैं। जल्द ही उन पर शिकंजा कसा जाएगा। गिरोह के तार मेरठ और बिहार के तमाम जिलों से भी जुड़े हैं।
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बरामदगी
10 मार्कशीट : बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की पांच और वेस्ट बंगाल काउंसिल आफ रवींद्र ओपन स्कूलिंग हायर सेकेंड्री एक्जामिनेशन बोर्ड की चार और उ. प्र. राज्य मुक्त विद्यालय की एक फर्जी मार्कशीट बरामद हुई। इसके अलावा नौ जाली सर्टिफिकेट।
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नौ सर्टिफिकेट
4 माइग्रेशन सर्टिफिकेट
1 रजिस्ट्रेशन कार्ड
1 एडमीशन कार्ड
3 मुहरें
1 लैपटाप
1 पिस्टल
3 कारतूस
1 कार
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