फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   शाखा प्रबधंक ने नहीं दर्ज कराया बयान

शाखा प्रबधंक ने नहीं दर्ज कराया बयान

Fri, 14 Sep 2018 01:48 AM IST
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
शाखा प्रबधंक ने नहीं दर्ज कराया बयान
शाखा प्रबंधक ने नहीं दर्ज कराया बयान
विज्ञापन

क्राइम ब्रांच को सौंपी जाएगी एटीएम जालसाजी की जांच
कंपनी अधिकारियों की भूमिका पर पुलिस की निगाह
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। एटीएम में पैसा डालने के दौरान 23 लाख रुपये गायब कर देने के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। कंपनी के शाखा प्रबंधक अशोक कुमार का बयान आज दर्ज होना था लेकिन, थाने पहुंचने के बावजूद शाखा प्रबंधक ने बयान दर्ज नहीं कराया गया। पुलिस के मुताबिक व्यस्तता का हवाला देते हुए वह बयान दर्ज कराने को राजी नहीं हुए। उधर, पुलिस ने आरोपियों की भी तलाश शुरू कर दी है लेकिन, अभी उसके हाथ कोई सुराग नहीं आया है।
बता दें, विभिन्न बैंकों के एटीएम में कैश लोड करने वाली सेकुरीट्रांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दो कर्मचारी दिलीप निषाद पुत्र रोशन लाल निवासी अतरसुईया एवं जय सिंह पुत्र बालकूष्ण निवासी चित्रकूट ने अतरसुइया स्थित एक एटीएम में पैसे डालने के बजाए उसमें रखे करीब 23 लाख रुपये उड़ा दिए। कंपनी अधिकारियों को जब इसके बारे में मालूम चला तब उनके होश उड़ गए। कंपनी ने अंदरूनी स्तर पर आरोपी कर्मचारियों से पैसा वापस करने का दबाव बनाया लेकिन, जब पैसा नहीं मिला तब शाखा प्रबंधक अशोक कुमार ने बुधवार को अतरसुइया थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कंपनी के अधिकारियों पर भी घटना में शामिल होने को लेकर शक है।
विज्ञापन

उसके बाद 26 जुलाई को दोनों ने मीरापुर बाजार स्थित एटीएम में 11 लाख रुपये कैश लोड किए। जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पासवर्ड के बिना मशीन नहीं खोली जा सकती। पासवर्ड कंपनी के निचले कर्मचारियों के पास थे जिसे स्थानीय अधिकारियों के लिए हासिल कर पाना मुश्किल नहीं था। पुलिस को कंपनी के अधिकारियों पर मिलीभगत का शक इसलिए भी गहराया है कि एटीएम में लगे खुफिया कैमरे भी नष्ट कर दिए गए जिसके मशीन के भीतर मौजूद होने की जानकारी बेहद कम लोगों को होती है। इसके अलावा घटना की जानकारी भी करीब एक महीने बाद पुलिस को दी गई। विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर अतरसुइया बृजेश यादव का कहना है वादी का बयान दर्ज करने के बाद विवेचना आगे बढ़ेगी। पूछताछ के लिए आरोपियों के धरपकड़ की भी कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है प्रारम्भिक जांच के बाद इस मामले की विवेचना में क्राइम ब्रांच की भी मदद ली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed