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परिणाम से पहले ही 13 फीसदी अभ्यर्थी लड़ाई से बाहर

Sun, 08 Jul 2018 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 08 Jul 2018 12:57 AM IST
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13 percent of the candidates are out of action before the results
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित आखिरी परीक्षा थी। माना जा रहा था कि इसमें अभ्यर्थियों की उपस्थिति 95 फीसदी तक जाएगी लेकिन मुख्य परीक्षा के 21 दिन के सफर में 1854 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। प्रारंभिक परीक्षा में कुल 14032 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे और इनमें से 13664 को मुख्य परीक्षा के पंजीकृत किया गया था। परीक्षा के आखिरी दिन सामान्य हिंदी एवं निबंध के अनिवार्य विषय का पेपर देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या घटकर 11810 रह गई। लड़ाई अब इन्हीं अभ्यर्थियों के बीच है।
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पिछले साल 24 सितंबर को 677 पदों के लिए आयोजित पीसीएस-2017 की प्रारंभिक परीक्षा में दो लाख 46 हजार 654 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 14032 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। मुख्य परीक्षा से पहले फॉर्म में गड़बड़ी के कारण 368 अभ्यर्थी बाहर कर दिए गए। मुख्य परीक्षा के लिए कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों की संख्या 13664 रह गई थी। पुराने पैटर्न पर पीसीएस की यह आखिरी परीक्षा थी। अगली परीक्षा अब संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तर्ज पर होनी है। ऐसे में माना जा रहा था कि उपस्थिति 95 फीसदी या उससे अधिक ही होगी लेकिन 13.56 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
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मुख्य परीक्षा के पहले दिन 18 जून को सामान्य अध्ययन के अनिवार्य विषय की परीक्षा में 12281 अभ्यर्थी शामिल हुए और 1383 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। 19 जून को सामान्य हिंदी और निबंध के अनिवार्य विषय की परीक्षा थी लेकिन पेपर गलत बंट जाने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई और सात जुलाई को पुनर्परीक्षा का निर्णय लिया गया। इसके बाद छह जुलाई तक वैकल्पिक विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। वैकल्पिक विषयों में भी अभ्यर्थी परीक्षा छोड़ते रहे और अंत में शनिवार को हुई सामान्य हिंदी एवं निबंध की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 11810 रह गई।
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19 जून को गलत पेपर बंट जाने से अभ्यर्थी तनाव में थे। उस दिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर छह घंटे तक चले चक्काजाम के दौरान अभ्यर्थी यही मांग करते रहे कि पूरी परीक्षा निरस्त की जाए और नए सिरे से परीक्षा कराई जाए। अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा की जो हालत है, उससे वे तनाव में हैं और परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि आयोग ने उनकी मांगें नहीं मानी और वैकल्पिक विषयों की परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई।

 शनिवार को सामान्य हिंदी और निबंध की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली है। हालांकि परीक्षा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी। कोषागार से पेपरों के बंडल निकाले जाते वक्त ही जांच की जा रही थी। इसके बाद परीक्षा केंद्रों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी। 19 जून को जीआईसी सेंटर में पेपर गलत बंट गया था। इस बार जीआईसी की जगह सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया था। परीक्षा इलाहाबाद के 17 और लखनऊ के 11 केंद्रों में आयोजित की गई।


पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा में पेपर गलत बंटने के मामले में आयोग की दो सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है। कमेटी में आयोग के सचिव जगदीश भी शामिल हैं। मुख्य परीक्षा समाप्त हो गई है और जांच भी आखिरी चरण में है। ऐसे में जल्द ही प्रिंटिंग प्रेस और ड्यूट में लगे आयोग कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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