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मेरठ के डीजीसी सिविल को हटाने का आदेश रद्द
Fri, 31 May 2019 12:45 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 31 May 2019 12:45 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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हाईकोर्ट ने मेरठ के डीजीसी सिविल पुष्पेंद्र कुमार को पद से हटाने का आदेश रद्द कर दिया है। राज्य सरकार को निर्देश दिया कि उनको तत्काल नियुक्ति देकर कार्यभार सौंप दिया जाए। डीजीसी को प्रदेश सरकार ने 22 जनवरी 2019 के आदेश से पद से हटा दिया था। डीजीसी की नियुक्ति जिला जज के परामर्श और जिलाधिकारी की संस्तुति पर नवंबर 2018 में की गई थी। बिना कोई कारण बताए उनको जनवरी 2019 में हटा दिया गया और भाजपा नेता की पत्नी भावना भदौरिया को अपर डीजीसी बना दिया गया। इस नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
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याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने सुनवाई। याचिका में कहा गया कि पुष्पेंद्र कुमार की नियुक्ति नवंबर 2019 तक के लिए की गई थी, मगर बिना कोई कारण बताए उनको जनवरी में ही हटा दिया गया। यह अनुच्छेद 166 के विपरीत है। बिना राज्यपाल की अनुमति के डीजीसी को नहीं हटाया जा सकता है। याची का कहना था कि उनकी नियुक्ति कानूनी प्रक्रिया के की गई है। उनको कारण बताए बिना नहीं हटाया जा सकता है। प्रदेश सरकार का कहना था कि किसी को नियुक्ति पाने या नवीनीकरण का कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि सरकार यदि अपर डीजीसी को रखना चाहती है तो जिला जज की सूची से रख सकती है।
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