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केंद्रीय रेलवे विद्युतीकरण संगठन : देश के 70 फीसदी रेलमार्ग का विद्युतीकरण करने वाले कोर पर लग सकता है ताला

Sun, 07 May 2023 05:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 May 2023 05:54 PM IST
सार

देश भर के ब्रॉडगेज रेलमार्ग के विद्युतीकरण के लिए ही वर्ष 1979 में कोर की स्थापना हुई थी। इसका मुख्यालय प्रयागराज में है। कोर की विभिन्न परियोजनाओं के निदेशकों की देखरेख में रेल विद्युतीकरण चल भी रहा है। 31 मार्च 2023 तक देश के 65 हजार 300 रूट किमी ब्रॉड गेज में से 58 हजार 812 रूट किमी का विद्युतीकरण भी किया जा चुका है।

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core electrifying 70 percent of the country's railways may be locked
रेलवे विद्युतीकरण संगठन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देश के तकरीबन 70 फीसदी ब्रॉड गेज रेलमार्ग का विद्युतीकरण करने वाले केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) पर ताला लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसका प्रस्ताव पिछले वर्ष ही केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक एडवाइजर ने तैयार किया था। अब इस पर अमल करते हुए अफसरों का दूसरे जोन में तबादला किया जा रहा है। कोर बंद किए जाने की चर्चाओं पर रेल यूनियनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

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देश भर के ब्रॉडगेज रेलमार्ग के विद्युतीकरण के लिए ही वर्ष 1979 में कोर की स्थापना हुई थी। इसका मुख्यालय प्रयागराज में है। कोर की विभिन्न परियोजनाओं के निदेशकों की देखरेख में रेल विद्युतीकरण चल भी रहा है। 31 मार्च 2023 तक देश के 65 हजार 300 रूट किमी ब्रॉड गेज में से 58 हजार 812 रूट किमी का विद्युतीकरण भी किया जा चुका है।
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पिछले वर्ष कोर को बंद किए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल ने किया था। प्रस्ताव में कहा गया कि तमाम रूटों के विद्युतीकरण के बाद अब कोर की उपयोगिता नहीं रह जाती है। कोर के जो टेंडर हैं, वह क्षेत्रीय रेलवे द्वारा किए जाएं।

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बंदीकरण प्रस्ताव पर अमल का संकेत यह है कि कोर के एसएजी ग्रुप के अफसरों को दूसरे जोन में शिफ्ट किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई है। यहां तैनात रहे एसएजी ग्रुप के अफसर राजीव त्रेहान जो सीएमएम के पद पर हैं, उन्हें एनसीआर भेजा गया है। इसका पत्र चार मई को ही जारी हुआ है। बताते हैं कि इसी दिन रेलवे बोर्ड ने कोर के एक अन्य अफसर को पूर्व तटीय रेलवे (एनएफआर) में भेजा है। इससे कोर अफसरों में नाराजगी है, लेकिन कार्रवाई के डर से कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। कोर के साथ ही लखनऊ स्थित आरडीएसओ से भी कई वरिष्ठ अफसरों का तबादला दूसरे रेलवे जोन में किया गया है।

कोर से छीना गया मॉडिफिकेशन का कार्य

 कोर प्रयागराज से रेलवे बोर्ड द्वारा तमाम कार्य भी अब वापस लिए जा रहे हैं। बीते 10 अप्रैल को बोर्ड ने रेल विद्युतीकरण के मॉडिफिकेशन का कार्य कराने की जिम्मेदारी कोर को सौंपी थी, लेकिन 26 अप्रैल को यह कार्य दूसरे रेलवे जोन को सौंप दिया गया।

पिछले वित्तीय वर्ष में कोर ने 73 फीसदी रेलमार्ग का किया विद्युतीकरण

पिछले वित्तीय वर्ष में देश में कुल 6,565 किमी रेलमार्ग का विद्युतीकरण हुआ। इसमें 73 फीसदी यानी 4,767 किमी का विद्युतीकरण कोर प्रयागराज ने किया, जबकि अन्य जोनल रेलवे, आरवीएनएल, राइट्स, इरकॉन समेत 21 एजेंसियां सिर्फ 1,798 किमी का ही विद्युतीकरण कर सकीं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी कोर ने 68 फीसदी, 2019-20 में 60 और 2021-22 में कुल लक्ष्य का 67 फीसदी कार्य अकेले ही किया।

यूनियन शुरू से ही कहती आ रही है कि रेलवे धीरे-धीरे सभी संस्थानों को खत्म करने का कार्य कर रही है। कोर को बंद करने का प्रस्ताव भी इसी श्रृंखला में शामिल है। यूनियन इस निर्णय का विरोध करते हुए मांग करती है कि कोर को खत्म न किया जाए। - आरपी सिंह, महामंत्री, नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ

कोर कार्यालय प्रयागराज की शान है। जनता की सवारी भारतीय रेल को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने पर आमादा वर्तमान सरकार कोर को बंद न करे। यूनियन इसका पुरजोर विरोध करती है। - मनोज पांडेय, महामंत्री ,नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन

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