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आगरा डीएम सहित कई अफसरों को अवमानना का नोटिस, 13 मई को हाईकोर्ट में ऑनलाइन तलब
Wed, 12 May 2021 08:41 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 12 May 2021 08:41 PM IST
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allahabad high court
- फोटो : social media
इलाहाबाद हाईकोर्ट के विवादित भवन के ध्वस्तीकरण पर रोक के बावजूद बाउंड्री गिरा देने के मामले में जिलाधिकारी आगरा सहित कई अधिकारियों को अवमानना का नोटिस जारी किया है । कोर्ट ने डीएम प्रभु नारायण सिंह ,एडीएम वित्त एवं शत्रु संपत्ति योगेंद्र सिंह ,एसडीएम सदर अनु असमोली ,तहसीलदार सदर प्रेमपाल सिंह एवं थाना प्रभारी शाहगंज सत्येंद्र राघव को 13 मई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि प्रथमदृष्टया अवमानना का केस बनता है। कोर्ट ने इन सभी अधिकारियों को अवमानना याचिका में पक्षकार बनाया है और साथ में भूप सिंह कानूनगो व नाहर सिंह लेखपाल को भी पक्षकार बनाया है । यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने पाठक वृंदावन वैदिक आश्रम धर्मार्थ न्यास की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है।
हाईकोर्ट ने 10 फरवरी 2003 को विवादित भूमि के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद इन अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष की निगरानी में याची की बाउंड्री वाल तोड़ दी गई। जिसको लेकर यह याचिका दाखिल की गई है। सीजेएम आगरा को इन सभी अधिकारियों पर आदेश की तामील कराने का निर्देश दिया गया है। याचिका की सुनवाई 13 मई को होगी।
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कोर्ट ने कहा है कि प्रथमदृष्टया अवमानना का केस बनता है। कोर्ट ने इन सभी अधिकारियों को अवमानना याचिका में पक्षकार बनाया है और साथ में भूप सिंह कानूनगो व नाहर सिंह लेखपाल को भी पक्षकार बनाया है । यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने पाठक वृंदावन वैदिक आश्रम धर्मार्थ न्यास की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है।
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हाईकोर्ट ने 10 फरवरी 2003 को विवादित भूमि के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद इन अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष की निगरानी में याची की बाउंड्री वाल तोड़ दी गई। जिसको लेकर यह याचिका दाखिल की गई है। सीजेएम आगरा को इन सभी अधिकारियों पर आदेश की तामील कराने का निर्देश दिया गया है। याचिका की सुनवाई 13 मई को होगी।
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