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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Construction of the Jhunsi-Naini six-lane bridge has slowed down due to disruption in diesel supply.

Prayagraj : डीजल आपूर्ति प्रभावित होने से धीमी हुई झूंसी-नैनी सिक्स लेन पुल के निर्माण की रफ्तार

Mon, 08 Jun 2026 03:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 08 Jun 2026 03:10 PM IST
सार

पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से गंगा नदी पर निर्माणाधीन झूंसी-नैनी सिक्सलेन पुल का काम धीमा पड़ गया है। इनर रिंग रोड योजना के तहत सेतु का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा होना है।

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Construction of the Jhunsi-Naini six-lane bridge has slowed down due to disruption in diesel supply.
प्रयागराज इनर रिंग रोड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से गंगा नदी पर निर्माणाधीन झूंसी-नैनी सिक्सलेन पुल का काम धीमा पड़ गया है। इनर रिंग रोड योजना के तहत सेतु का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा होना है। लेकिन, डीजल की आपूर्ति आधी होने की वजह से सेतु का काम अप्रैल 2028 तक पूरे होने के आसार हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से वर्ष 2025 में इनर रिंग रोड योजना के तहत झूंसी-नैनी के बीच 3.2 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन सेतु का निर्माण शुरू किया गया।

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सेतु के निर्माण में भारी मशीनों को चलाने और ट्रांसपोर्टेशन सहित अन्य कार्य के लिए प्रतिदिन चार हजार लीटर डीजल की खपत होती है। लेकिन, वर्तमान में केवल दो हजार लीटर डीजल की ही आपूर्ति हो रही है। साथ ही कई पेट्रोल पंप मालिकों ने उधार डीजल देना भी बंद कर दिया है।
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झूंसी की एक लेन बंद होने से रुकी माल की सप्लाई

झूंसी पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। इस कारण पुल की एक लेन बंद कर दी गई है। साथ ही भारी वाहनों का मार्ग डायवर्ट कर दिया गया है। ऐसे में कार्यस्थल तक माल के पहुंचने में कठिनाई हो रही है।

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20 फीसदी घटी बिटुमिन की उपलब्धता

बिटुमिन की उपलब्धता भी करीब 20 फीसदी घट गई है। बिटुमिन गहरे काले या भूरे रंग का एक अत्यधिक चिपचिपा और जल-प्रतिरोधी पेट्रोलियम पदार्थ है। यह मुख्य रूप से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के शोधन की प्रक्रिया का अंतिम अवशेष होता है। रासायनिक रूप से यह हाइड्रोकार्बन का एक जटिल मिश्रण है। यह सड़क निर्माण में बाइंडर (गिट्टी को आपस में जोड़ने वाले पदार्थ) के रूप में प्रयुक्त होने वाला मुख्य तत्व है।

250 केवीए ट्रांसफार्मर की मांग

सेतु के निर्माणकार्य में लगी कार्यदायी संस्था जीडीपी ने बिजली विभाग से 250 केवीए की क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की मांग की है। इससे पुल के निर्माण में लगे कर्मचारियों को अंधेरे में न रहना पड़े।

डीजल की आपूर्ति घटकर आधी हो गई है। इससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। साथ ही झूंसी पुल बंद होने के कारण नैनी यार्ड से लोहे का मैटेरियल झूंसी तक पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में निर्माण कार्य 2027 तक पूरा होना मुश्किल है। - शांतनु बसु, प्रोजेक्ट हेड, जीडीपी संस्था।

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