प्रयागराज : पुलिस लाइन में सिपाही ने खुद को गोली से उड़ाया, महकमे में मचा हड़कंप
मथुरा जिले के अतरौनी के रहने वाले सिपाही आकाश कुमार (29) की ड्यूटी किसी वीआईपी के अंगरक्षक के तौर पर लगी थी। वह पुलिस लाइन में रहता था। बुधवार को शाम करीब छह बजे उसने अपनी कार्बाइन से खुद को गोली मार ली।
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पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल आकाश कुमार (29) ने सरकारी कारबाइन से खुद को गोली मार ली। घटना शाम को पुलिस लाइन परिसर में एमटी ऑटो गैराज के पास हुई। उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। वहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। पुलिस घटना के कारणों की जांच में जुटी है।
आकाश मूल रूप से मथुरा के अरतौनी गांव, थाना बलदेव का रहने वाला था। 2019 में उसकी नियुक्ति हुई थी। मौजूदा समय में उसकी तैनाती पुलिस लाइन में थी। बुधवार शाम 5.30 बजे के करीब वह पुलिस लाइन परिसर में ही बने ऑटो गैराज के पास पहुंचा। इसके बाद अचानक गोली चलने की आवाज आई। पुलिसकर्मी पहुंचे तो वह लहूलुहान पड़ा मिला।
बगल में ही सरकारी कारबाइन पड़ी थी। अफसरों को सूचना देकर उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। इलाज शुरू ही हुआ था कि उसकी मौत हो गई। जानकारी पर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह व अन्य अफसर भी पहुंच गए। इसके बाद परिजनों को सूचना देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कारबाइन मौके से ही बरामद कर ली गई है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। - शैलेश कुमार पांडेय
छुट्टी को लेकर था परेशान
फोन पर हुई बातचीत में आकाश के भाई विष्णु सिंह ने बताया कि घर में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। आर्थिक रूप से भी कोई समस्या नहीं थी। छुट्टी को लेकर वह जरूर परेशान रहता था। उसने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से उसकी आकाश से बात नहीं हो सकी थी।
कनपटी पर लगी गोली, सिर से हो गई पार
सिपाही के दाहिनी कनपटी पर लगी गोली सिर को भेदते हुए बाईं कनपटी से पार हो गई थी। इस दौरान उसकी आंख का भी कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। माना जा रहा है कि उसने कनपटी पर कारबाइन सटाकर गोली चला ली। उधर, अफसरों ने पुलिस लाइन स्थित घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
हथेली में मिले गन पाउडर के अवशेष
पुलिस सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक जांच में भी खुदकुशी की पुष्टि हुई। अफसरों ने एसआरएन अस्पताल में फोरेंसिक टीम को भी बुलवाया। टीम में शामिल एक्सपर्ट ने सिपाही की हथेली पर केमिकल डाला तो उस पर गन पाउडर के अवशेष मिले। इसके अलावा बरामद कारबाइन में गोली भी फंसी मिली। माना जा रहा है कि एक गोली लगते ही उसके हाथ से कारबाइन छूट गई होगी और ट्रिगर न दबने के कारण फायर नहीं हो पाया, इससे गोली फंसी रह गई।