{"_id":"5eaf0bf48c52a9116e66fda5","slug":"complicated-story-the-mother-raised-the-son-left-and-his-own-blood","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उलझी कहानी: पालने वाली मां बोली, छोड़कर गया बेटा उसका ही अपना खून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उलझी कहानी: पालने वाली मां बोली, छोड़कर गया बेटा उसका ही अपना खून
Sun, 03 May 2020 11:52 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 May 2020 11:52 PM IST
विज्ञापन
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नलगंज में 19 साल बाद युवक का अपने बिछुड़े परिवार से मिलने की कहानी और उलझ गई है। उसे पालने वाले माता पिता का दावा है कि रूठ कर वह उन्हें छोड़कर चला गया है और वह 2006 में बिछुड़ा उनका अपना ही खून है। इसका पता चलने पर वह उसे बालगृह से ले आए थे। रविवार को मां-बाप एक बार फिर थाने पहुंचे, लेकिन युवक के बालिग होने की बात कहकर पुलिस ने उनकी किसी भी तरह की मदद करने में असमर्थता जता दी।
तीन दिन पहले फिल्म सरीखी यह कहानी सामने आई तो लोग हैरान रह गए। राम प्रिया रोड पर रहने वाले अवधेश मिश्रा का 19 साल पहले बिछुड़ा बेटा आकाश अपने परिवार वालों से मिला, जिसकी उन्होंने 2001 में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आकाश कर्नलगंज इलाके में ही रहने वाले विनोद अग्रहरि के घर पला बढ़ा लेकिन, इसकी जानकारी किसी को नहीं हुई।
दो महीने पहले आकाश के लापता होने पर विनोद ने गुमशुदगी दर्ज कराई और पुलिस ने उसे बरामद कर पूछताछ की तो यह कहानी सामने आई। आकाश बालिग था और उसने अवधेश मिश्रा को ही अपना पिता माना, इस कारण से पुलिस ने उसे उनके साथ भेज दिया। उधर, विनोद अग्रवाल अग्रहरि और उनकी पत्नी लीलावती अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि आकाश उनका बेटा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दिन पहले फिल्म सरीखी यह कहानी सामने आई तो लोग हैरान रह गए। राम प्रिया रोड पर रहने वाले अवधेश मिश्रा का 19 साल पहले बिछुड़ा बेटा आकाश अपने परिवार वालों से मिला, जिसकी उन्होंने 2001 में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आकाश कर्नलगंज इलाके में ही रहने वाले विनोद अग्रहरि के घर पला बढ़ा लेकिन, इसकी जानकारी किसी को नहीं हुई।
विज्ञापन
दो महीने पहले आकाश के लापता होने पर विनोद ने गुमशुदगी दर्ज कराई और पुलिस ने उसे बरामद कर पूछताछ की तो यह कहानी सामने आई। आकाश बालिग था और उसने अवधेश मिश्रा को ही अपना पिता माना, इस कारण से पुलिस ने उसे उनके साथ भेज दिया। उधर, विनोद अग्रवाल अग्रहरि और उनकी पत्नी लीलावती अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि आकाश उनका बेटा नहीं है।
विज्ञापन
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
लीलावती का कहना है कि 2006 में उनका बेटा बिछुड़ गया था, जिसे सुल्तानपुर की एक महिला ने ट्रेन में देखकर पुलिस के हवाले कर दिया था। बच्चे को शिवकुटी स्थित बाल गृह में पहुंचा दिया गया था। दो साल बाद उस महिला के माध्यम से जानकारी मिलने पर वह उसे बालगृह से अपने घर ले आई थी। इस सवाल पर कि अपना बेटा होने के बावजूद आकाश उन्हें अपना मां-बाप मानने से क्यों इंकार कर रहा है, उनका कहना है कि डांटने-फटकारने की वजह से वह उनसे रूठ गया है।
लीलावती ने बताया की चाइल्ड लाइन से बच्चे को लाने संबंधी कागज गुम होने के कारण वह उसे पुलिस के सामने नहीं रख सकीं। रविवार को एक बार फिर लीलावती अपनी गुहार लेकर कर्नलगंज थाने पहुंचीं। हालांकि पुलिस ने उसकी कोई भी मदद कर पाने में असमर्थता जता दी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण कुमार त्यागी का कहना है कि बच्चे को बाल गृह से गोद लेने संबंधित कोई कागज महिला व उसके पति दिखा नहीं पाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि युवक बालिग है और उसने अपनी मर्जी से अवधेश मिश्रा के साथ रहने की इच्छा जताई है।
लीलावती ने बताया की चाइल्ड लाइन से बच्चे को लाने संबंधी कागज गुम होने के कारण वह उसे पुलिस के सामने नहीं रख सकीं। रविवार को एक बार फिर लीलावती अपनी गुहार लेकर कर्नलगंज थाने पहुंचीं। हालांकि पुलिस ने उसकी कोई भी मदद कर पाने में असमर्थता जता दी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण कुमार त्यागी का कहना है कि बच्चे को बाल गृह से गोद लेने संबंधित कोई कागज महिला व उसके पति दिखा नहीं पाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि युवक बालिग है और उसने अपनी मर्जी से अवधेश मिश्रा के साथ रहने की इच्छा जताई है।