UPPCS : पीसीएस में बढ़ी स्पर्धा, एक पद पर 2612 दावेदार, 220 पदों के लिए आए 574538 आवेदन
पीएसएस परीक्षा-2024 के लिए आवेदन स्वीकार किए जाने की अंतिम तिथि दो फरवरी थी। पीसीएस के 220 पदों पर भर्ती के लिए पांच लाख 74 हजार 538 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।
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पीसीएस -2024 में स्पर्धा कठिन होने जा रही है। एक पद के लिए 2612 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है। पीसीएस की प्रांरभिक परीक्षा 17 मार्च काे और मुख्य परीक्षा सात जुलाई से प्रस्तावित है। ऐसे में परीक्षा का चयन परिणाम भी इसी साल जारी होने की उम्मीद है।
पीएसएस परीक्षा-2024 के लिए आवेदन स्वीकार किए जाने की अंतिम तिथि दो फरवरी थी। पीसीएस के 220 पदों पर भर्ती के लिए पांच लाख 74 हजार 538 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। यानी एक पद पर 2612 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है, जबकि पीसीएस परीक्षा-2023 में एक पद के लिए 2235 दावेदार ही थे। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए पिछली परीक्षा के मुकाबले इस बार स्पर्धा ज्यादा कठिन होने जा रही है।
त्रुटि संशोधन के लिए नौ फरवरी तक मौका
पीसीएस-2023 में 253 पद थे और इन पदों पर भर्ती के लिए पांच लाख 65 हजार 459 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इस बार पदों की संख्या कम है लेकिन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ गई है। फिलहाल पीसीएस-2024 के तहत आवेदन में त्रुटि संशोधन के लिए नौ फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे में आवेदनों की संख्या कुछ कम हो सकती है। वहीं, पदों की संख्या बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने तक जिन पदों का अधियाचन मिलेगा, उन्हें पीसीएस-2024 में शामिल कर लिया जाएगा। पीसीएस-2023 में भी यही हुआ था। आयोग ने 173 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था और प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने तक पदों की संख्या बढ़कर 253 हो गई थी। अगर पीसीएस-2024 में भी पदों की संख्या बढ़ती है तो स्पर्धा कुछ कम हो सकती है।
आवेदन तिथि नहीं बढ़ी तो कोर्ट जाएंगे अभ्यर्थी
पीसीएस परीक्षा-2024 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई तो अभ्यर्थी न्यायालय जाएंगे। यह निर्णय प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया। समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने कहा कि परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी थी और इसके तीन दिन पहले से आयोग की वेबसाइट पर सर्वर काफी धीमा हो गया था। अंतिम दिन सर्वर ठप रहा।
समिति और अभ्यर्थियों की ओर से आयोग में ज्ञापन देकर आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बैठक में तय हुआ कि अभ्यर्थियों की मांग पर जल्द ही कोई निर्णय नहीं होता है तो प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति न्यायालय की शरण में जाएगी। बैठक में अश्वनी शुक्ला, मनोज कुमार, रंजना सिंह, रणविजय सिंह, घनश्याम यादव आदि मौजूद रहे।