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आधार के सहार नागरिकता साबित करने की आस
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Competition for making 'Aadhaar'
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद समुदाय विशेष में आधार कार्ड बनवाने के लिए होड़ मची है। करेली, रसूलपुर, दरियाबाद, दायराशाह अजमल, शाहगंज, पत्थर गली, रानी मंडी, बक्शी बाजार समेत अन्य समुदाय बहुल इलाकों में अफवाह है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं होगा, उनको शरणार्थी मान लिया जाएगा। पिछले पांच दिनों में अकेले प्रधान डाकघर में नए आधार बनवाने के लिए करीब 900 आवेदन आए हैं। संख्या ज्यादा होने से सोमवार को आए लोगों को 19 दिसंबर को बुलाया गया है। कमोवेश चुनिंदा बैंक शाखाओं में इन दिनों आधार बनवाने वालों की संख्या बढ़ी है।
प्रधान डाकघर (जीपीओ) में प्रतिदिन 150 आधार बनाए जाते हैं। आवेदन इससे अधिक आए तो उन्हें खाली दिनों में बुलाया जाता है। इससे पहले आवेदक से फार्म भराकर जमा कराए जाते हैं, जिसका रजिस्टर पर अंकन भी होता है। सोमवार को जीपीओ समेत सभी डाकघरों और बैंक शाखाओं में लंबित आवेदनों की संख्या 2500 के पार रही। इनमें नाम और पता संशोधन कराने वाले भी शामिल हैं।
आधार केंद्रों तक पहुंचने वालों की कोशिश रहती है कि एक दिन में ही औपचारिकताएं पूरी हो जाएं। सर्वर डाउन होने या अन्य दिक्कतें सामने आने पर लोग घंटों इंतजार भी करते हैं। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक जीपीओ में नया आधार बनवाने के लिए लोगों का आनाजाना बना रहा। प्रवर डाक अधीक्षक संजय डी अखाड़े के मुताबिक आधार बनवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। व्यवस्था पारदर्शी है, इसलिए निश्चित संख्या से अधिक आवेदन आने पर लोगों को आगे की तिथि दी जा रही है। उन्होंने बताया कि भीड़ प्रधान डाकघर में ही नहीं अन्य पोस्ट आफिसों में भी है।
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साठ लाख की आबादी में करीब
दस लाख समुदाय विशेष के लोग
वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक जिले की आबादी करीब साठ लाख है। इनमें लगभग दस फीसदी से अधिक दस लाख विशेष समुदाय के हैं। प्रधान डाकघर के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने यहां चार से पांच हजार नए आधार कार्ड बनाने, पुराने में संशोधन का काम किया जाता है। सीनियर पोस्ट मास्टर आरडी सिंह के मुताबिक दिसंबर के मध्य में आवेदकों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
इन डाकघरों में बनता है आधार
शहर में जीपीओ के साथ अन्य डाकघरों में आधार बनवाने की सुविधा है। कचहरी, सीडीए पेंशन, दारागंज, मुट्ठीगंज, जीटीबी नगर (करेली), सूबेदारगंज, धूमनगंज, फाफामऊ आदि डाकघरों मे ंआधार बनवाया जा सकता है।
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प्रधान डाकघर (जीपीओ) में प्रतिदिन 150 आधार बनाए जाते हैं। आवेदन इससे अधिक आए तो उन्हें खाली दिनों में बुलाया जाता है। इससे पहले आवेदक से फार्म भराकर जमा कराए जाते हैं, जिसका रजिस्टर पर अंकन भी होता है। सोमवार को जीपीओ समेत सभी डाकघरों और बैंक शाखाओं में लंबित आवेदनों की संख्या 2500 के पार रही। इनमें नाम और पता संशोधन कराने वाले भी शामिल हैं।
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आधार केंद्रों तक पहुंचने वालों की कोशिश रहती है कि एक दिन में ही औपचारिकताएं पूरी हो जाएं। सर्वर डाउन होने या अन्य दिक्कतें सामने आने पर लोग घंटों इंतजार भी करते हैं। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक जीपीओ में नया आधार बनवाने के लिए लोगों का आनाजाना बना रहा। प्रवर डाक अधीक्षक संजय डी अखाड़े के मुताबिक आधार बनवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। व्यवस्था पारदर्शी है, इसलिए निश्चित संख्या से अधिक आवेदन आने पर लोगों को आगे की तिथि दी जा रही है। उन्होंने बताया कि भीड़ प्रधान डाकघर में ही नहीं अन्य पोस्ट आफिसों में भी है।
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साठ लाख की आबादी में करीब
दस लाख समुदाय विशेष के लोग
वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक जिले की आबादी करीब साठ लाख है। इनमें लगभग दस फीसदी से अधिक दस लाख विशेष समुदाय के हैं। प्रधान डाकघर के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने यहां चार से पांच हजार नए आधार कार्ड बनाने, पुराने में संशोधन का काम किया जाता है। सीनियर पोस्ट मास्टर आरडी सिंह के मुताबिक दिसंबर के मध्य में आवेदकों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
इन डाकघरों में बनता है आधार
शहर में जीपीओ के साथ अन्य डाकघरों में आधार बनवाने की सुविधा है। कचहरी, सीडीए पेंशन, दारागंज, मुट्ठीगंज, जीटीबी नगर (करेली), सूबेदारगंज, धूमनगंज, फाफामऊ आदि डाकघरों मे ंआधार बनवाया जा सकता है।