कुंभ हमारे सांस्कृतिक मूल्यों की अनमोल धरोहर है। करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए वर्षों बाद सरकार ने इस बार कुंभ को ऐतिहासिक बनाने का प्रयास किया है। हमने शहर को जो भव्यता प्रदान की है, उसे भावी पीढ़ी को संभालकर रखना होगा। यह आह्वान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर उजाला के तत्वावधान में ‘करें कुंभ का गान, रखें अतिथि का मान’ सूत्रवाक्य के साथ चंद्रशेखर आजाद पार्क में गुरुवार को स्कूली बच्चों द्वारा बनाई गई मानव शृंखला में किया। अपराजिता अभियान के तहत बनाई गई मानव शृंखला में हजारों स्कूली बच्चों, प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। इस मौके पर सीएम ने दर्शनों के लिए अक्षयवट व सरस्वती कूप खोले जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा बच्चे अक्षयवट के दर्शन के लिए अवश्य जाएं।
सीएम ने प्रयागराजवासियों से किया आह्वान, बोले- नई पीढ़ी संभाल कर रखे कुंभ की भव्यता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ को वैश्विक धरोहर का दर्जा दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही पहल की। ये पीएम मोदी के प्रयासों का नतीजा है कि कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त संस्कृति धरोहर के रूप में मान्यता दी। ऐसा पहली बार हुआ है कि देश का कोई प्रधानमंत्री कुंभ पूजन के लिए आया और महापर्व को भव्य रूप देने के लिए करोड़ों रुपये शहर को दिए। इसके अलावा हमने भी इस धार्मिक आयोजन को समूचे विश्व में पहुंचाने के लिए 71 विदेशी राजनयिकों को आमंत्रित किया, जिन्होंने यहां आकर अपने-अपने देशों की पताकाएं फरहाईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल के भीतर हमने इतने विकास कार्य करा दिए हैं कि इस बार के कुंभ में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रयागराज का पौराणिक महत्व यहां के लोगों को अभिन्नता प्रदान करता है। कुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की कामना रहती थी कि वे अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन करें। इसीलिए हमने अक्षयवट और सरस्वती कूप को सबके दर्शनों के लिए खोलने का फैसला लिया है। इसके अलावा भारद्वाज आश्रम में महाऋषि भारद्वाज की प्रतिमा का भी हमने निर्णय लिया है, जिसका अनावरण करने स्वयं राष्ट्रपति यहां आएंगे। उन्होंने कहा कि संस्कृति के समागम में हमारा आतिथ्य ऐसा हो, जिसको लोग वर्षों तक याद रखें।
कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बच्चे पूरे मन से पढ़ाई करें, ताकि भविष्य में उन्नति के शिखर तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि बच्चे ही हमारे देश का कर्णधार हैं, वे आगे बढ़ेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने बच्चों से स्वच्छता अभियान की घर-घर अलख जगाने की भी अपील की। भारी संख्या में बच्चों की मौजूदगी देख केशव ने उनके अनुशासन की सराहना करते हुए शिक्षकों-प्रधानाचार्यों का धन्यवाद दिया।
शिक्षक की तरह मुख्यमंत्री ने दी सीख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों बच्चों को एक शिक्षक की तरह स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। सीएम ने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत सरकार ने लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए देश में 2.60 करोड़ शौचालय बनवाए। प्रदूषण को रोकने के लिए ही सरकार ने प्लास्टिक के प्रचलन पर पाबंदी लगाई। प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रयागराज के कुंभ में भी असर दिखाई पड़ेगा। उन्होंने बच्चों को नसीहत दी कि वे कूड़ा यहां-वहां नहीं फेंकें। इसके अलावा वे बड़ों से ये अपील करें कि जिन स्थानों पर डस्टबिन लगवाए गए हैं, कूड़ा उसी में ही डालेंगे। स्वच्छता का भाव और लोगों में भी पैदा हो, इसके लिए उन्हें आज से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए।