सीएम योगी ने की घोषणा : महाकुंभ से पहले शहर को मिलेगा 10 हजार क्षमता का कन्वेंशन सेंटर
आवास आवंटन एवं निर्माण कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री के सामने यह मांग रखी। केशव ने कहा कि बारिश के कारण इस कार्यक्रम को कराने में प्रशासन को काफी प्रयास करने पड़े। आगे महाकुंभ है।
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महाकुंभ-2025 से पहले शहर को 10 हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी घोषणा करने के साथ प्रयागराज विकास प्राधिकरण को जमीन चिह्नित करने और विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
आवास आवंटन एवं निर्माण कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री के सामने यह मांग रखी। केशव ने कहा कि बारिश के कारण इस कार्यक्रम को कराने में प्रशासन को काफी प्रयास करने पड़े। आगे महाकुंभ है। ऐसे कई आयोजन होंगे। इसलिए मुख्यमंत्री से मांग है कि 10 हजार क्षमता वाले कन्वेंशन सेंटर की सौगात देकर जाएं।
केशव की इस मांग को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं प्राधिकरण को इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने महाकुंभ से पहले कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर ऐसा हो, जिसमें जरूरत पड़ने पर 5000-5000 हजार लोगों के दो या 2000-2000 लोगों के पांच कार्यक्रम एक साथ कराए जा सकें। उन्हाेंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन, सम्मेलन समेत अन्य तरह के आयोजनों को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किया जाए।
भरद्वाज आश्रम विमानन क्षेत्र में बनेगा अनुसंधान का बड़ा केंद्र
प्रदेश सरकार की मंशा सफल हुई तो अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के साथ प्रयागराज विमानन क्षेत्र का बड़ा अनुसंधान केंद्र भी होगा। मुख्यमंत्री ने भरद्वाज आश्रम में आधुनिकतम तकनीकी वाला विमानन अनुसंधान केंद्र बनाने की घोषणा की। भरद्वाज आश्रम के विस्तार एवं सुंदरीकरण का खाका पहले ही तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इसमें एक और अध्याय जुड़ने जा रहा है।
इसकी मांग भी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रखी। केशव ने कहा कि भरद्वाज आश्रम में ही सबसे पहले विमान बनाने की शिक्षा दी जाती थी। इसलिए यहां विमानन पर शोध का केंद्र खुलना चाहिए। इस मांग पर मुहर लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ परंपराओं एवं धरोहरों के सरंक्षण पर ध्यान दिया जाना चाहिए। भरद्वाज आश्रम सबसे पहला गुरुकुल है। उनका विमानन शास्त्र प्रेरणा देने वाला है।
यहां फ्लाइंग क्लब की स्थापना के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में क्या-क्या हो सकता है इसका एक प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके लिए उन्होंने मंडलायुक्त, डीएम, पीडीए, नागरिक उड्डयन विभाग को संयुक्त रूप से मिलकर प्रस्ताव करने का निर्देश दिया।