मातृ शक्ति का सम्मान समेत कुटुंब परंपरा बनाए रखने पर आरएसएस की बैठक में हुआ मंथन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन जहां कोरोना काल में उपजी बेरोजगारी और लोगों की समस्याओं पर चर्चा हुई तो वहीं सोमवार को मातृ शक्ति का सम्मान बढ़ाने पर मंथन हुआ। इस दौरान संघ के सर कार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा कि मातृ शक्ति का आदर करने का स्वभाव परिवार के प्रत्येक सदस्य में होना चाहिए। कहा कि आज परिवार टूट रहे हैं। इस वजह से तमाम विकृतियां समाज में आ रही हैं। इसलिए परिवार व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता है।
बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने व्यवसायी स्वयं सेवकों का सर्वे कर उनको सक्रिय करने की बात कही। कहा जा रहा है कि दत्तात्रेय होसबले ने व्यवसायी स्वयंसेवकों का सर्वे इसलिए करने को कहा कि ताकि कोरोना काल में जो लोग बेरोजगार हुए उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके। इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने युवा कार्यकर्ता विकास योजना पर चर्चा की।
सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए संघ गंभीर
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए खासा गंभीर है। बैठक में इस पर विचार किया गया कि मंदिर, जल स्रोत एवं श्मशान घाट सबके लिए खुलें, इसके लिए प्रयास किए जाएं। दरअसल संघ परिवार अपने अनुषांगिक संगठनों के साथ छुआछूत जैसी कुरीतियों को हटाने पर लगातार प्रयास कर रहा है। संगठन सभी वर्गों को अपने साथ लेकर चलना चाहता है। इसके अलावा संघ पर्यावरण को लेकर भी चिंतित है। इसी वजह से बैठक के समापन पर संघ प्रमुख ने ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने और प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने का आह्वान किया। इस दौरान संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रम पर अपने विचार व्यक्त किए।