फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Chaitra Navratri 2024: Decorated court of Mother Bhavani, Brahmacharini form was worshiped on the second day o

chaitra navratri 2024 : मां भवानी के सजे दरबार, नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी स्वरूप की हुई आराधना

Wed, 10 Apr 2024 04:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 10 Apr 2024 04:29 PM IST
सार

नवरात्रि के दूसरे दिन मां भगवती के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी देवी की आराधना की गई। घरों में कलश पूजन के साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ किया गया। आदिशक्ति के मंदिरों ललिता देवी, कल्याणी देवी और अलोपशंकरी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही।

विज्ञापन
Chaitra Navratri 2024: Decorated court of Mother Bhavani, Brahmacharini form was worshiped on the second day o
नवरात्रि पर ललिता देवी का किया गया भव्य श्रंगार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवरात्रि के दूसरे दिन मां भगवती के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी देवी की आराधना की गई। घरों में कलश पूजन के साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ किया गया। आदिशक्ति के मंदिरों ललिता देवी, कल्याणी देवी और अलोपशंकरी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही। विल्व निमंत्रण और आह्वान के साथ ही अखंड ज्योति जलाकर सनातनधर्मियों ने कहीं दुर्गा शप्तसती तो कहीं सहस्त्रनाम के पाठ शुरू किए। घरों से लेकर देवी मंदिरों तक नवरात्र की आराधना के लिए भक्तों का उत्साह देखने लायक रहा। मंदिरों में घंटे-घडिय़ाल के साथ दिन भर मंत्रोच्चार गूंजते रहे।

विज्ञापन


चैत्र की द्वतीयापर देवी के दूसरे स्वरूप की आराधना की गई। अधिकतर सनातनी परिवारों में कलश स्थापना होने की वजह से कई पुरोहितों को तीन से चार यजमानों के यहां मां दुर्गा का आह्वान कराना पड़ा। मीरापुर की मोहिनी तिवारी ने पुत्री की शादी और पुत्र के लिए अच्छी नौकरी के लिए नौ दिन का व्रत रखकर कलश स्थापना की गई है। 
विज्ञापन


भय बाधा से मुक्ति के लिए नवरात्र के अनुष्ठानों की इस बार होड़ मची रही। सुबह ही फूलों, रंगोलियों और तरह-तरह के हल्दी-चंदन के स्वास्तिक और ऊं के प्रतीकों से सजी वेदियों पर कलश स्थापना आरंभ हुई। गंगा की रेत से तैयार वेदियों पर मंगल कामना के जौ उगाए गए। इसी के साथ कलश में गंगा का जल, चांदी-तांबे का सिक्का और सुपारी के रूप में मां दुर्गा का आह्वान किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कलश के ऊपर नारियल सजाए गए। मां को लाल चुनरी और तरह-तरह का भोग अर्पित किया गया। मीरापुर में मां ललिता देवी और कल्याणी देवी में मां कल्याणी देवी की झांकियां शैलपुत्री के रूप में सजाई गईं। अलोपशंकर देवी के दरबार में भी देर रात तक दर्शन के लिए तांता लगा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed