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कालीन कारोबारी का कत्ल, चक्काजाम, दरोगा को खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 22 Jun 2015 02:19 AM IST
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हंडिया/बरौत। गंगापार इलाके में हंडिया क्षेत्र के बलीगंज गांव में रविवार दिन में कालीन कारोबारी गुलाम मुस्तफा (52) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति ने चाय की दुकान पर कहासुनी के बाद उसके सिर पर तमंचे से फायर किया और भाग निकला। कहा जा रहा है कि उनके बीच दोस्ती थी मगर पैसों के चक्कर में यह कत्ल हो गया। हत्या से गुस्साए लोगों ने चक्काजाम कर पुलिस विरोधी नारेबाजी की तो वहां एसपी गंगापार के साथ एसएसपी भी पहुंचे। उन्होंने चौकी प्रभारी इमामगंज को निलंबित कर कातिल की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर लोगों को मनाया।
बलीगंज गांव निवासी गुलाम मुस्तफा (52) कालीन का धंधा करता था।
उसने दो शादी की थी। पहली पत्नी अकीदुलनिशा की आठ बेटियां और दो बेटे हैं। पांच बेटियों का ब्याह हो चुका है। वह बच्चों संग पड़ोसी गांव उधमपुर में रहती है। दूसरी पत्नी रसीदुलनिशां का एक पुत्र और दो बेटियां हैं। मुस्तफा उसके साथ ही बलीगंज में रहते थे। मुस्तफा की मां भी साथ रहती हैँ। पिता का इंतकाल हो चुका है। रविवार शाम करीब पौने चार बजे मुस्तफा बलीगंज में ही राजन मौर्य की चाय-पान की दुकान पर बैठे थे। तभी वहां पड़ोसी गांव प्रतापपुर का दिलीप सिंह उर्फ पप्पू आ गया। उनके बीच किसी बात पर झड़प के बीच ही अचानक दिलीप ने तमंचा निकालकर मुस्तफा पर फायर कर दिया। दाहिनी आंख के नीचे गोली धंसते ही मुस्तफा वहीं ढेर हो गए। मुस्तफा की गोली मारकर हत्या से खलबली मच गई। चाय विक्रेता सहित आसपास के सभी दुकानदार वहां से भाग गए। मुस्तफा के तीनों बेटे और छोटे भाई महमूद सहित गांव के सैकड़ों लोग जुट गए। गुस्साए लोगों ने बिठौली-बरौत मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चौकी प्रभारी इमामगंज संजय सिंह वहां पहुंचे तो भीड़ ने खदेड़ लिया। खतरा भांपकर दरोगा ने सर्विस रिवॉल्वर निकाली और उसे लहराते हुए बाइक पर भाग निकला।
कुछ देर बाद हंडिया पुलिस के साथ सीओ और एसपी गंगापार पहुंचे। पुलिस अफसरों को देख उग्र भीड़ पुलिस विरोधी नारे लगाने लगी। कई थानों की पुलिस वहां पहुंची मगर पुलिस फोर्स के सामने ही इमामगंज चौकी के एक सिपाही को भी भीड़ ने दौड़ा लिया। फिर भीड़ ने चाय दुकान के बगल दुकानों का ताला तोड़ना शुरू किया। लोगों को शक था कि गोली चलाकर भागा दिलीप और उसका कोई साथी किसी दुकान में छिपा हो सकता है। इसी बीच बवाल की खबर पाकर एसएसपी केएस इमैनुएल भी वहां पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी संजय सिंह की शह पर दिलीप ने मुस्तफा का कत्ल किया है।
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दिलीप का दरोगा के साथ रोज का उठना-बैठना था। एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड करने का ऐलान किया। साथ ही एफआईआर लिखकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। पुलिस ने खुद दुकानों का ताला तोड़कर तलाशी ली। तब जाकर देर शाम करीब सवा सात बजे भीड़ ने हंगामा बंद किया। हालांकि सड़क पर रात आठ बजे तक जाम लगा रहा। पुलिस को मौके पर 315 बोर का एक खोखा मिला है। छोटे भाई महमूद ने दिलीप समेत दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना के पीछे यह भी चर्चा रही कि दिलीप ने मुस्तफा से दो हजार रुपये मांगे। मुस्तफा ने कहा कि इतने पैसे नहीं हैं तो उसने गोली मार दी। इस पर एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा का कहना है कि एफआईआर लिखकरजांच हो रही है।
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बलीगंज गांव निवासी गुलाम मुस्तफा (52) कालीन का धंधा करता था।
उसने दो शादी की थी। पहली पत्नी अकीदुलनिशा की आठ बेटियां और दो बेटे हैं। पांच बेटियों का ब्याह हो चुका है। वह बच्चों संग पड़ोसी गांव उधमपुर में रहती है। दूसरी पत्नी रसीदुलनिशां का एक पुत्र और दो बेटियां हैं। मुस्तफा उसके साथ ही बलीगंज में रहते थे। मुस्तफा की मां भी साथ रहती हैँ। पिता का इंतकाल हो चुका है। रविवार शाम करीब पौने चार बजे मुस्तफा बलीगंज में ही राजन मौर्य की चाय-पान की दुकान पर बैठे थे। तभी वहां पड़ोसी गांव प्रतापपुर का दिलीप सिंह उर्फ पप्पू आ गया। उनके बीच किसी बात पर झड़प के बीच ही अचानक दिलीप ने तमंचा निकालकर मुस्तफा पर फायर कर दिया। दाहिनी आंख के नीचे गोली धंसते ही मुस्तफा वहीं ढेर हो गए। मुस्तफा की गोली मारकर हत्या से खलबली मच गई। चाय विक्रेता सहित आसपास के सभी दुकानदार वहां से भाग गए। मुस्तफा के तीनों बेटे और छोटे भाई महमूद सहित गांव के सैकड़ों लोग जुट गए। गुस्साए लोगों ने बिठौली-बरौत मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चौकी प्रभारी इमामगंज संजय सिंह वहां पहुंचे तो भीड़ ने खदेड़ लिया। खतरा भांपकर दरोगा ने सर्विस रिवॉल्वर निकाली और उसे लहराते हुए बाइक पर भाग निकला।
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कुछ देर बाद हंडिया पुलिस के साथ सीओ और एसपी गंगापार पहुंचे। पुलिस अफसरों को देख उग्र भीड़ पुलिस विरोधी नारे लगाने लगी। कई थानों की पुलिस वहां पहुंची मगर पुलिस फोर्स के सामने ही इमामगंज चौकी के एक सिपाही को भी भीड़ ने दौड़ा लिया। फिर भीड़ ने चाय दुकान के बगल दुकानों का ताला तोड़ना शुरू किया। लोगों को शक था कि गोली चलाकर भागा दिलीप और उसका कोई साथी किसी दुकान में छिपा हो सकता है। इसी बीच बवाल की खबर पाकर एसएसपी केएस इमैनुएल भी वहां पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी संजय सिंह की शह पर दिलीप ने मुस्तफा का कत्ल किया है।
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दिलीप का दरोगा के साथ रोज का उठना-बैठना था। एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड करने का ऐलान किया। साथ ही एफआईआर लिखकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। पुलिस ने खुद दुकानों का ताला तोड़कर तलाशी ली। तब जाकर देर शाम करीब सवा सात बजे भीड़ ने हंगामा बंद किया। हालांकि सड़क पर रात आठ बजे तक जाम लगा रहा। पुलिस को मौके पर 315 बोर का एक खोखा मिला है। छोटे भाई महमूद ने दिलीप समेत दो लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना के पीछे यह भी चर्चा रही कि दिलीप ने मुस्तफा से दो हजार रुपये मांगे। मुस्तफा ने कहा कि इतने पैसे नहीं हैं तो उसने गोली मार दी। इस पर एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा का कहना है कि एफआईआर लिखकरजांच हो रही है।