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छात्रसंघ बना छावनी बना छात्रसंघ भवन, इविवि में जाड़े की छुट्टियां घोषितछावनी, इविवि में जाड़े की छुट्टियां घोषित
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Cantonment declared winter vacation in students union building, IVI
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश भर में चल रहे बवाल के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और उसके संघटक कॉलेजों में समय से पहले ही जाड़े की छुट्टियां घोषित कर दी गईं। 21 दिसंबर तक प्रस्तावित सभी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं हैं। इविवि का छात्रसंघ भवन छावनी में तब्दील हो चुका है। मंगलवार को वहां कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।
कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के निर्देश पर 18 दिसंबर से इविवि और उसके संघटक महाविद्यालयों में शीतावकाश घोषित किया गया है। विश्वविद्यालय के कैलेंडर के अनुसार पहले 20 दिसंबर के बाद शीतावकाश घोषित होना था। अब 18 दिसंबर से एक जनवरी तक अवकाश रहेगा। शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए केवल 18 से 20 दिसंबर तक ही अवकाश घोषित किया गया है। विश्वविद्यालय दो जनवरी को खुलेगा। इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार के अनुसार जो परीक्षाएं स्थगित की गईं हैं, उनकी संभावित तिथि जल्द ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर घोषित की जाएगी। ऐसी सभी परीक्षाएं जनवरी के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएंगी।
उधर, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर और बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। फोर्स ने फ्लैग मार्च भी किया। छात्रसंघ भवन पूरी तरह से फोर्स के कब्जे में रहे। धारा 144 लागू होने और जिला प्रशासन की ओर से पूर्व जारी की गई चेतावनी के मद्देनजर छात्रसंघ भवन पर सन्नाटा पसरा रहा और वहां कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। हिंदू हॉस्टल और मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पर भी पुलिस की सख्त निगरानी रही।
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कैब के समर्थन में उतरे छात्र, किया प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन बिल (कैब) के समर्थन में भी आवाज उठने लगी है। मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के छात्रसंघ भवन में कुछ छात्रों ने समर्थन में प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत उनसे पोस्टर-बैनर छीन लिए और उन्हें लौटा दिया। वहीं, हिंदू हॉस्टल में भी कई छात्रों ने कैब के समर्थन में सभा की।
जिले में धारा 144 लागू है, सो इविवि छात्रसंघ के निवर्तमान महामंत्री एवं एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शिवम सिंह एक अन्य छात्र के साथ मंगलवार शाम अचानक छात्रसंघ भवन पहुंच गए और कैब के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस पहुंच गई और शिवम के हाथ से बैनर छीन लिया गया। इस पर शिवम और पुलिस अफसरों के बीच तीखी बहस भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिवम और एक अन्य छात्र को वहां से लौटा दिया।
शिवम ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल पूरी तरह से वैधानिक है। विधेयक को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इस कानून में किसी को निकालने की बात नहीं की गई है, बल्कि पड़ोसी इस्लामिक मुल्कों में अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे अत्याचार से उन्हें बचाने व संरक्षण देने की कवायद है। जो भारत में रहते आए हैं, यहां के नागरिक हैं, उन्हें इससे डरने की कोई जरूरत नहीं।
शिवम ने जामिया में हुई खूनी झड़प की कड़ी भर्त्सना की और कहा कि धार्मिक उन्माद फैलाना कभी देश हित में नहीं हो सकता। लाठी, गोली पुलिस चलाए, छात्र या नागरिक, हम सभी के खिलाफ हैं। उधर, हिंदू हॉस्टल में बड़ी संख्या में फोर्स मौजूद होने के कारण छात्र हॉस्टल से बाहर नहीं निकल सके, लेकिन हॉस्टल के भीतर नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में सभा की गई। छात्रसंघ भवन में कुछ अन्य छात्र भी कैब के समर्थन में पहुंचे, उन्हें भी पुलिस ने प्रदर्शन करने से पहले लौटा दिया।
विधेयक के विरोध में मुंह पर बांधी काली पट्टी
प्रयागराज। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में धरना दिया। साथ ही मुंह पर काली पट्टी बांधकर नागरिकता संशोधन बिल को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता ने कहा कि यह विधेयक देश को बांटने के लिए लाया गया है। भारतीय जनता पार्टी को उसके गलत मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अदील हमजा ने कहा कि हम देश की एकता और अखंडता में विश्वास रखते हैं। हमने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई में फर्क करना नहीं सीखा। इस दौरान अभिषेक यादव, संदीप यादव, राघवेंद्र यादव, जॉन्टी यादव, अजीत यादव, अरविंद सरोज, मोहम्मद रेहान, बलि यादव, विजयकांत आदि मौजूद रह्रे।
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कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के निर्देश पर 18 दिसंबर से इविवि और उसके संघटक महाविद्यालयों में शीतावकाश घोषित किया गया है। विश्वविद्यालय के कैलेंडर के अनुसार पहले 20 दिसंबर के बाद शीतावकाश घोषित होना था। अब 18 दिसंबर से एक जनवरी तक अवकाश रहेगा। शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए केवल 18 से 20 दिसंबर तक ही अवकाश घोषित किया गया है। विश्वविद्यालय दो जनवरी को खुलेगा। इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार के अनुसार जो परीक्षाएं स्थगित की गईं हैं, उनकी संभावित तिथि जल्द ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर घोषित की जाएगी। ऐसी सभी परीक्षाएं जनवरी के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएंगी।
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उधर, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर और बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। फोर्स ने फ्लैग मार्च भी किया। छात्रसंघ भवन पूरी तरह से फोर्स के कब्जे में रहे। धारा 144 लागू होने और जिला प्रशासन की ओर से पूर्व जारी की गई चेतावनी के मद्देनजर छात्रसंघ भवन पर सन्नाटा पसरा रहा और वहां कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। हिंदू हॉस्टल और मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल पर भी पुलिस की सख्त निगरानी रही।
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कैब के समर्थन में उतरे छात्र, किया प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन बिल (कैब) के समर्थन में भी आवाज उठने लगी है। मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के छात्रसंघ भवन में कुछ छात्रों ने समर्थन में प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत उनसे पोस्टर-बैनर छीन लिए और उन्हें लौटा दिया। वहीं, हिंदू हॉस्टल में भी कई छात्रों ने कैब के समर्थन में सभा की।
जिले में धारा 144 लागू है, सो इविवि छात्रसंघ के निवर्तमान महामंत्री एवं एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शिवम सिंह एक अन्य छात्र के साथ मंगलवार शाम अचानक छात्रसंघ भवन पहुंच गए और कैब के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस पहुंच गई और शिवम के हाथ से बैनर छीन लिया गया। इस पर शिवम और पुलिस अफसरों के बीच तीखी बहस भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिवम और एक अन्य छात्र को वहां से लौटा दिया।
शिवम ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल पूरी तरह से वैधानिक है। विधेयक को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इस कानून में किसी को निकालने की बात नहीं की गई है, बल्कि पड़ोसी इस्लामिक मुल्कों में अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे अत्याचार से उन्हें बचाने व संरक्षण देने की कवायद है। जो भारत में रहते आए हैं, यहां के नागरिक हैं, उन्हें इससे डरने की कोई जरूरत नहीं।
शिवम ने जामिया में हुई खूनी झड़प की कड़ी भर्त्सना की और कहा कि धार्मिक उन्माद फैलाना कभी देश हित में नहीं हो सकता। लाठी, गोली पुलिस चलाए, छात्र या नागरिक, हम सभी के खिलाफ हैं। उधर, हिंदू हॉस्टल में बड़ी संख्या में फोर्स मौजूद होने के कारण छात्र हॉस्टल से बाहर नहीं निकल सके, लेकिन हॉस्टल के भीतर नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में सभा की गई। छात्रसंघ भवन में कुछ अन्य छात्र भी कैब के समर्थन में पहुंचे, उन्हें भी पुलिस ने प्रदर्शन करने से पहले लौटा दिया।
विधेयक के विरोध में मुंह पर बांधी काली पट्टी
प्रयागराज। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में धरना दिया। साथ ही मुंह पर काली पट्टी बांधकर नागरिकता संशोधन बिल को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता ने कहा कि यह विधेयक देश को बांटने के लिए लाया गया है। भारतीय जनता पार्टी को उसके गलत मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अदील हमजा ने कहा कि हम देश की एकता और अखंडता में विश्वास रखते हैं। हमने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई में फर्क करना नहीं सीखा। इस दौरान अभिषेक यादव, संदीप यादव, राघवेंद्र यादव, जॉन्टी यादव, अजीत यादव, अरविंद सरोज, मोहम्मद रेहान, बलि यादव, विजयकांत आदि मौजूद रह्रे।

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