ममहिलाओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब होना चिंताजनक-प्रो. जोया हसनन
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गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में ‘भारतीय समाज के समक्ष चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की मुख्य वक्ता जेएनयू की प्रो. जोया हसन ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति और भारतीय लोकतंत्र का संकट विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत की वर्तमान राजनीतिक दिशा-दशा पर विस्तार से बात रखी। प्रो. जोया हसन ने महिलाओं के वोटर लिस्ट से गायब होने, मुस्लिम उम्मीदवारों में भारी गिरावट और चुनावों में पैसे का दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से चुनाव में किस पार्टी को कितना पैसा मिला, जानकारी देना अनिवार्य कर दिए जाने के बाद अब लगता है कि पैसे के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। फेक न्यूज को उन्होंने भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि हमारा समाज इतना विकसित नहीं सही और गलत समाचार में फर्क कर सके। इससे चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक तनाव आज चरम पर है विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों के लिए, इसके अलावा राष्ट्रवाद का हिन्दू राष्ट्रवाद में तब्दील होना, आम आदमी की स्वतंत्रता का हनन होना जहां वह अपनी बात कह सके। प्रो. जोया हसन ने वर्तमान परिस्थितियों पर बात करते हुए यह भी कहा कि समाज में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि बहुसंख्यक समुदाय के लिए अल्पसंख्यक ख़तरा है जो सही नहीं है, इससे समाज में विभाजन और डर का माहौल बन गया है। यह प्रक्रिया भारतीय लोकतंत्र को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब भी दिया। इस मौके पर संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक मौजूद रहे। धन्यवाद संस्थान के प्रो. सुनीत सिंह ने किया।