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ई-फार्मेसी से चौपट हो जाएगा करोड़ों का कारोबार, आनलाइन दवा की बिक्री के विरोध का निर्णय

Mon, 31 Aug 2020 12:09 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 31 Aug 2020 12:09 AM IST
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Business worth crores will be destroyed by e-pharmacy, the decision against the sale of online medicine
online medicine - फोटो : FILE PHOTO
ई फार्मेसी के तहत सरकार आने वाले दिनों में दवाओं की बिक्री ऑनलाइन करने की तैयारी में है। इससे दवा कारोबारी निराश हैं। दवा के थोक विक्रेता हो या फिर फुटकर, अधिकांश का मानना है कि सरकार ने अगर इसकी अनुमति दी तो वह सड़क पर आ जाएंगे। प्रयागराज जिले की बात करें तो यहां होने वाले दवा के करोड़ों के कारोबार पर इसका असर पड़ने की आशंका दवा कारोबारियों ने व्यक्त की है। ई फार्मेसी को अनुमति न मिले, इसके लिए दवा कारोबारी अब पीएम नरेंद्र मोदी को पोस्ट कार्ड भेजने जा रहे हैं। इसके माध्यम से मांग की जाएगी देश में ई फार्मेसी को अनुमति न दी जाए।
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प्रयागराज में दवा की छोटी-बड़ी थोक और फुटकर की तकरीबन आठ हजार दुकानें हैं। रीवा, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, कौशांबी, जौनपुर आदि जिलों के दवा विक्रेता भी प्रयागराज से ही दवाएं खरीद कर ले जाते हैं। बहुत से ऐसे भी कारोबारी हैं, जो अपने घरों या गोदामों से कारोबार करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रयागराज में एक दिन में दवा का कारोबार पांच करोड़ से छह करोड़ रुपये के बीच का है। यह सालाना 20 अरब रुपये के आसपास बैठता है। ई फार्मेसी आने से यह कारोबार आधे से भी कम होने का अनुमान दवा कारोबारी लगा रहे हैं।
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अधिकांश दुकानदारों का कहना है कि अगर देश में ई फार्मेसी लागू हुई तो  दुकानदार के साथ उनके यहां काम करने वाले  कर्मचारी, पैकिंग, माल ढोने वाले मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। इस संबंध में प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से दवा कारोबारियों एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों को एक पत्र भी जारी किया गया। इस पत्र के माध्यम से कहा गया कि देश में ई फार्मेसी यानी ऑनलाइन दवा की सप्लाई, बिक्री की अनुमति सरकार प्रदान कर रही है। यदि ऐसा हो जाता है ,तो इससे हमारा ही नहीं, हमसे जुड़ें तमाम लोगों के समक्ष रोजी रोटी का भयंकर संकट पड़ जाएगा। दवाओं की ऑनलाइन सप्लाई होने से ना तो किसी होलसेल दवा की दुकान की आवश्यकता होगी और ना ही फुटकर दुकान की। 
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एमआर और फामार्िसिस्ट की नौकरी पर भी संकट

0 ई फार्मेसी से  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, फार्मासिस्ट की भी नौकरी पर संकट गहरा जाएगा।। प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री के मुताबिक यह बड़ी-बड़ी कंपनियां सीधा ग्राहक को और डॉक्टरों को ही दवा बिक्री करेंगी। ऐसे में एमआर की कोई उपयोगिता नहीं रह जाएगी। इसी वजह से पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनसे ई फार्मेसी की अनुमति देश में ना दिए जाने की प्रार्थना की जाए। सभी दुकानदार पीएम के पते पर 50 पैसे के पोस्टकार्ड को भेजें। 

ई फार्मेसी से कई तरह के नुकसान है। इसके माध्यम से ऐसी दवाएं जो प्रतिबंधित हैं , वह लोगों तक आसानी से पहुंच जाएंगी। अमेजन जैसी कंपनी से कई स्थानीय बड़ी कंपनियां भी जुड़ी हैं। ई फार्मेसी  से दवा कारोबार धरातल पर आ सकता है।
अनिल दुबे, अध्यक्ष इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।

न जाने कितने लोग ई फार्मेसी की वजह से बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार ने बिना सोचे समझी इतनी बड़ी तैयारी कर ली है। इसके विरोध में पीएम नरेंद्र मोदी को हम दवा कारोबारी एक पोस्ट कार्ड सोमवार से भेजने जा रहे हैं।
लालू मित्तल, महामंत्री, प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन।

प्रयागराज में इसका गंभीर असर पड़ सकता है। हजारों कारोबारियों पर उनके कर्मचारी भी निर्भर हैं। जब हमारी दुकान से कोई दवा ही नहीं खरीदेगा तो हमारा परिवार कैसे चलेगा। सरकार इस बारे में विचार करें और ई फार्मेसी की अनुमति न दे।

सचेत गोयल, संगीता मेडिकल। 

ई-फार्मेसी लागू करने का मतलब बेरोजगारी को बढ़ावा देना। इस व्यवस्था से दवा कारोबारी ही नहीं, उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों के साथ मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आदि पर भी असर पड़ सकता है। 
अनूप जायसवाल, थोक कारोबारी, लीडर रोड।
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