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Prayagraj News: करोड़ों की लागत से बना बीएसएनएल का आवासीय भवन बदहाल
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फोटो परिचय। देखरेख के अभाव में बदहाल दूरभाष केंद्र हंडिया के अधिकारी कर्मचारियों के लिए बना आवा
भारतीय संचार निगम द्वारा हंडिया कस्बा में लगभग दो दशक पहले अधिकारियों व कर्मचारियों की आवासीय सुविधा के लिए बनाया गया तीन मंजिला भवन अनदेखी से बदहाल हो गया है। लटकते टूटे खिड़की-दरवाजे, टूटी फर्श तथा दरकी छत और दीवारें बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं।
लगभग दो दशक पहले हंडिया कस्बा में भारतीय संचार निगम द्वारा दूरभाष केंद्र के भवन का निर्माण कराया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों की सुविधा के लिए कस्बा स्थित उप मंडलीय डाकघर के बगल लगभग दो दशक पहले आवासीय भवन का भी निर्माण कराया गया था। लेकिन, उदासीनता के कारण इस सुविधा का लाभ किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को न मिल पाया। इसे कभी आवंटित ही नहीं किया गया।
यह खाली ही पड़ा रहा। अब हालत यह हो गई है कि इमारत की अधिकांश खिड़की-दरवाजे अराजकतत्व चोरी कर ले गए। परिसर कूड़ादान तथा खुला शौचालय के रूप में उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण करोड़ों रुपये पानी में बह गए। जबकि, यहां काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी किराये के मकान में रह रहे हैं। उप मंडल अभियंता दूरभाष केंद्र हंडिया सत्यम कुमार वर्मा ने कहा कि आवासीय भवन की हालत तथा उसके दुरुपयोग की लिखित और मौखिक जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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लगभग दो दशक पहले हंडिया कस्बा में भारतीय संचार निगम द्वारा दूरभाष केंद्र के भवन का निर्माण कराया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों की सुविधा के लिए कस्बा स्थित उप मंडलीय डाकघर के बगल लगभग दो दशक पहले आवासीय भवन का भी निर्माण कराया गया था। लेकिन, उदासीनता के कारण इस सुविधा का लाभ किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को न मिल पाया। इसे कभी आवंटित ही नहीं किया गया।
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यह खाली ही पड़ा रहा। अब हालत यह हो गई है कि इमारत की अधिकांश खिड़की-दरवाजे अराजकतत्व चोरी कर ले गए। परिसर कूड़ादान तथा खुला शौचालय के रूप में उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण करोड़ों रुपये पानी में बह गए। जबकि, यहां काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी किराये के मकान में रह रहे हैं। उप मंडल अभियंता दूरभाष केंद्र हंडिया सत्यम कुमार वर्मा ने कहा कि आवासीय भवन की हालत तथा उसके दुरुपयोग की लिखित और मौखिक जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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