प्रयागराज: बेखौफ बदमाशों ने सांसद के नाती को मारी गोली, गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती
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बेखौफ बदमाशोें ने नैनी के डभांव में सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। यहां अपनी दुकान पर बैठे सांसद श्यामाचरण गुप्त के नाती को गोली मारकर बदमाश भाग निकले। घायल हालत में उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर सांसद भी पहुंचे। एसएसपी का कहना है कि हमलावरों की तलाश की जा रही है।
नैनी के डभांव में रहने वाले गुमान सेन सांसद श्यामाचरण के बड़े भाई राधेचरण गुप्त के दामाद हैं। वह पत्नी पद्मा, बड़े बेटे सचिन उर्फ गोल्डी (30) व बेटी वेदिका के साथ रहते हैं। छोटा बेटा विवेक बंगलूरू में रहता है। गुमान घर में ही इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाते हैं जबकि सचिन जीएसटी सुविधा केंद्र का संचालन करता है। दोनों दुकानें अगल-बगल में हैं। शनिवार रात 7.15 बजे के करीब सचिन सुविधा केंद्र पर था। तभी बाइक से दो बदमाश आए और उसे गोली मारकर भाग निकले।
फायरिंग की आवाज सुनकर पड़ोसी राम सिंह पहुंचा तो सचिन लहुलुहान पड़ा था। पुलिस को सूचना देकर आसपास के लोग उसे सीएचसी चाका ले गए। वहां से उसे लाकर शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमलावर कौन थे, इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। परिवारवाले किसी रंजिश की बात से इंकार कर रहे हैं।
वहीं एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि, किस विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया, फिलहाल स्पष्ट नहीं है। परिवारवाले किसी रंजिश की बात से इंकार रहे हैं। हमलावरों का पता लगाया जा रहा है।
भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त ने बताया कि, परिवार बेहद सीधा-सादा है। किसी से कोई विवाद की जानकारी मुझे नहीं है। सूचना मिली तो मैं भी अस्पताल पहुंचा हूं। पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई के लिए कहा गया है।
दो मिनट की बातचीत, फिर झोंक दिया फायर
नैनी के डभांव में सांसद के नाती को गोली मारने वाले बदमाशों ने उससे कुछ देर बातचीत भी की थी। यह भी पता चला है कि दोपहर में भी दोनों बदमाश पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि हालत में सुधार होने पर भुक्तभोगी से बातचीत की जाएगी। वजह तभी स्पष्ट हो सकेगी।
सांसद के नाती को गोली मारने की घटना की खबर मिली तो पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। एसएसपी नितिन तिवारी, आईजी मोहित अग्रवाल, एडीजी एसएन साबत समेत तमाम अधिकारी भी पहुंच गए। सांसद श्यामाचरण के साथ ही उनके कई परिचित व भाजपा के पदाधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस अफसरों से पूछताछ में पता चला कि हमलावर युवकों ने दुकान पर पहुंचने के बाद कुछ देर तक सचिन उर्फ गोल्डी से बात भी की थी। इसके बाद अचानक उन्होंने गोली मार दी और भाग निकले। जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि हमलावरों में से एक दोपहर में भी दुकान पर पहुंचा था। तब उसने सचिन से उसके पिता के बारे में पूछा था। उधर पिता गुमान सेन से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने किसी से कोई विवाद होने की बात से इंकार किया।
दहशत में मोहल्ले के लोग
वारदात के बाद मोहल्ले के लोग दहशत में दिखे। घायल सचिन को अस्पताल लेकर पहुंचे आसपास के लोगों का कहना था कि अचानक फायरिंग की आवाज आई। वह दुकान की ओर दौड़े तो सचिन लहूलुहान हालत में पड़ा था। अस्पताल पहुंचे सचिन के दोस्त सुरेश शर्मा का कहना था कि वह हमलावरों को नहीं देख पाए। इसी तरह अन्य लोगों ने भी ऐसी ही बात बताई।