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प्रयागराज में नष्ट कराई गई प्रतिबंधित मछली की नर्सरी, मत्य पालकों को दी गई सख्त चेतावनी
Thu, 02 Sep 2021 10:13 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 02 Sep 2021 10:13 PM IST
सार
प्रतिबंधित मछली बेचकर लोगों को बीमार करने वालों के खिलाफ मत्स्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए नर्सरी को नष्ट करा दिया। दुबारा प्रतिबंधित मछलियों की नर्सरी लगाने और उन्हें तैयार करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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ब्लीचिंग पाउडर से मारी गईं मछलियां।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेजा में प्रतिबंधित मछली बेचकर लोगों को बीमार किए जाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने लखनपुर गांव में थाई मांगुर प्रजाति की मछली की अवैध नर्सरी पकड़ी। नर्सरी को नष्ट करते हुए फिलहाल संचालकों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। अफसरों का कहना है कि दोबारा कोई ऐसा करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अफसरों ने बताया कि मेजा क्षेत्र में काफी दिनों से प्रतिबंधित मछली का कारोबार किया जा रहा था। इसकी सूचना अज्ञात व्यक्ति ने उपनिदेशक मत्स्य को दी थी। जिस पर कार्रवाई करने के लिए मत्स्य विकास अधिकारी शेषनाथ पटेल को निर्देशित किया गया था। बृहस्पतिवार को मत्स्य विकास अधिकारी ने लखनपुर गांव में पहुंचकर जांच पड़ताल की तो पता चला कि अंश मछली फार्म के नाम से चल रही नर्सरी में थाई मांगुर प्रजाति की प्रतिबंधित मछलियों का पालन हो रहा था।
इस पर नर्सरी का ध्वस्तीकरण कराय गया। इसके अलावा नर्सरी मालिक को चेतावनी दी गई कि दोबारा प्रतिबंधित मछलियों का कारोबार किया गया तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। मत्स्य निरीक्षक इरफानुल्लाह खान ने कहा कि थाई मांगुर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस मछली को खाने से कैंसर रोग का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि प्रतिबंधित मछली को न खरीदें। साथ ही कोई इसका कारोबार करता मिले तो उसकी सूचना अफसरों को दें।
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अफसरों ने बताया कि मेजा क्षेत्र में काफी दिनों से प्रतिबंधित मछली का कारोबार किया जा रहा था। इसकी सूचना अज्ञात व्यक्ति ने उपनिदेशक मत्स्य को दी थी। जिस पर कार्रवाई करने के लिए मत्स्य विकास अधिकारी शेषनाथ पटेल को निर्देशित किया गया था। बृहस्पतिवार को मत्स्य विकास अधिकारी ने लखनपुर गांव में पहुंचकर जांच पड़ताल की तो पता चला कि अंश मछली फार्म के नाम से चल रही नर्सरी में थाई मांगुर प्रजाति की प्रतिबंधित मछलियों का पालन हो रहा था।
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इस पर नर्सरी का ध्वस्तीकरण कराय गया। इसके अलावा नर्सरी मालिक को चेतावनी दी गई कि दोबारा प्रतिबंधित मछलियों का कारोबार किया गया तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। मत्स्य निरीक्षक इरफानुल्लाह खान ने कहा कि थाई मांगुर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस मछली को खाने से कैंसर रोग का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि प्रतिबंधित मछली को न खरीदें। साथ ही कोई इसका कारोबार करता मिले तो उसकी सूचना अफसरों को दें।
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