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बैंक मैनेजर हत्याकांडः दिलबहार के करीबी को पकड़ा, पूछताछ जारी
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Bank manager assassination: caught near Dahlahar, inquiries issued
दिलबहार के करीबी को पकड़ा, पूछताछ जारी
जिले के बाहर के ठिकानों के बारे में पूछताछ
प्रयागराज। मऊआइमा में बैंक मैनेजर हत्याकांड में पुलिस बुरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। कातिलों का नाम पता जानने के बाद भी पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही। असली षड्यंत्रकारी तक भी पुलिस नहीं पहुंच पाई है। सुपारी देने वाले दिलबहार की तलाश में दबिश दी जा रही है। उसके एक करीबी को पकड़ा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि आखिर दिलबहार कहां भाग सकता है। उसके जिले के बाहर के ठिकानों के बारे में मालूमात कर दबिश दी जा रही है।
कालिंदीपुर निवासी बैंक मैनेजर अनिल की हत्या को दस दिन बीत गए। पुलिस अफसरों ने वादा किया था कि इस मामले में 72 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा लेकिन अब तक मुख्य षड्यंत्रकारी का नाम तक नहीं पता चल पाया है। रेकी करने वाले इश्तियाक को पकड़कर पुलिस जेल भेज चुकी है। उससे ही पता चला था कि हत्या नजुल, तफसीर और मुजीब ने की थी। सबके गांव का पता भी पुलिस के पास है लेकिन आज तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका। क्राइम ब्रांच की टीम भी इस मामले में नाकाम साबित हुई। अफसर प्रतिदिन दबिश और पूछताछ का दावा करते रहे लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है। मकान मालिक के भाई अनवार से बैंक मैनेजर का विवाद जगजाहिर है। वह घटना के बाद फरार भी है। उसके घर वालों से पूछताछ हुइ। पता चला कि घटना के बाद से गांव का एक युवक भी गायब है। यह युवक बैंक भवन मालिक के भाई अनवार का बेहद करीबी है। पुलिस ने आज दिलबहार के एक करीबी को पकड़ा है। उससे पूछताछ की जा रही है। दिलबहार के जिले के बाहर के ठिकानों को पूछकर वहां पुलिस भेजी जा रही है। एसओ मऊआइमा ने बताया कि आज भी कई लोगों से पूछताछ हुई है। अखबार में नाम छपने के कारण आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए हैं। इसी कारण उन्हें पकड़ने में परेशानी हो रही है।
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जिले के बाहर के ठिकानों के बारे में पूछताछ
प्रयागराज। मऊआइमा में बैंक मैनेजर हत्याकांड में पुलिस बुरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। कातिलों का नाम पता जानने के बाद भी पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही। असली षड्यंत्रकारी तक भी पुलिस नहीं पहुंच पाई है। सुपारी देने वाले दिलबहार की तलाश में दबिश दी जा रही है। उसके एक करीबी को पकड़ा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि आखिर दिलबहार कहां भाग सकता है। उसके जिले के बाहर के ठिकानों के बारे में मालूमात कर दबिश दी जा रही है।
कालिंदीपुर निवासी बैंक मैनेजर अनिल की हत्या को दस दिन बीत गए। पुलिस अफसरों ने वादा किया था कि इस मामले में 72 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा लेकिन अब तक मुख्य षड्यंत्रकारी का नाम तक नहीं पता चल पाया है। रेकी करने वाले इश्तियाक को पकड़कर पुलिस जेल भेज चुकी है। उससे ही पता चला था कि हत्या नजुल, तफसीर और मुजीब ने की थी। सबके गांव का पता भी पुलिस के पास है लेकिन आज तक किसी को पकड़ा नहीं जा सका। क्राइम ब्रांच की टीम भी इस मामले में नाकाम साबित हुई। अफसर प्रतिदिन दबिश और पूछताछ का दावा करते रहे लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है। मकान मालिक के भाई अनवार से बैंक मैनेजर का विवाद जगजाहिर है। वह घटना के बाद फरार भी है। उसके घर वालों से पूछताछ हुइ। पता चला कि घटना के बाद से गांव का एक युवक भी गायब है। यह युवक बैंक भवन मालिक के भाई अनवार का बेहद करीबी है। पुलिस ने आज दिलबहार के एक करीबी को पकड़ा है। उससे पूछताछ की जा रही है। दिलबहार के जिले के बाहर के ठिकानों को पूछकर वहां पुलिस भेजी जा रही है। एसओ मऊआइमा ने बताया कि आज भी कई लोगों से पूछताछ हुई है। अखबार में नाम छपने के कारण आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए हैं। इसी कारण उन्हें पकड़ने में परेशानी हो रही है।
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