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Prayagraj News: राज्य विवि में शुरू होगा बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम
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प्रो.राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में नए सत्र 2024-25 से बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इसके अलावा चार अन्य पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाने की तैयारी है।
राज्य विवि की कुछ माह पूर्व एकेडमिक कौंसिल की बैठक के दौरान विश्वविद्यालय में पांच नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें बीएएलएलबी के साथ बीएससी, एमएससी, फाॅर्मेसी और पांच वर्षीय बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम शामिल हैं। इनमें प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिले लिए जाएंगे। एमएससी को छोड़कर बाकी सभी पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें निर्धारित की गई हैं, जबकि एमएससी में 20 सीटें होंगी।
बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू किए जाने के लिए बार कौंसिल ऑफ इंडिया की टीम राज्य विवि का निरीक्षण कर चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अब कौंसिल से अनुमति मिलने का इंतजार है। कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि नए सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू किए जाने से पहले कौंसिल से अनुमति पत्र मिलने की पूरी उम्मीद है। फॉर्मेसी का पाठ्यक्रम शुरू किए जाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं है।
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कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में अभी विज्ञान की पढ़ाई नहीं हो रही है। नए सत्र से सामान्य बीएससी और एमएससी का पाठ्यक्रम भी शुरू कर दिया जाएगा। फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी और मैथ्स में एमएससी की पढ़ाई होगी। बायोटेक्नोलॉजी में भी एमएससी की पढ़ाई शुरू कराई जा सकती है। आने वाले वर्षों में सभी पाठ्यक्रमों की सीटों में वृद्धि की जाएगी। पांचों पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में शुरू किए जाने हैं।
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राज्य विवि की कुछ माह पूर्व एकेडमिक कौंसिल की बैठक के दौरान विश्वविद्यालय में पांच नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें बीएएलएलबी के साथ बीएससी, एमएससी, फाॅर्मेसी और पांच वर्षीय बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम शामिल हैं। इनमें प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिले लिए जाएंगे। एमएससी को छोड़कर बाकी सभी पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें निर्धारित की गई हैं, जबकि एमएससी में 20 सीटें होंगी।
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बीएएलएलबी का पाठ्यक्रम शुरू किए जाने के लिए बार कौंसिल ऑफ इंडिया की टीम राज्य विवि का निरीक्षण कर चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अब कौंसिल से अनुमति मिलने का इंतजार है। कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि नए सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू किए जाने से पहले कौंसिल से अनुमति पत्र मिलने की पूरी उम्मीद है। फॉर्मेसी का पाठ्यक्रम शुरू किए जाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं है।
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कुलपति के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में अभी विज्ञान की पढ़ाई नहीं हो रही है। नए सत्र से सामान्य बीएससी और एमएससी का पाठ्यक्रम भी शुरू कर दिया जाएगा। फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी और मैथ्स में एमएससी की पढ़ाई होगी। बायोटेक्नोलॉजी में भी एमएससी की पढ़ाई शुरू कराई जा सकती है। आने वाले वर्षों में सभी पाठ्यक्रमों की सीटों में वृद्धि की जाएगी। पांचों पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में शुरू किए जाने हैं।