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सोशल मीडिया का उपयोग न करने की शर्त पर मिली जमानत
Thu, 05 Nov 2020 09:26 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 05 Nov 2020 09:26 PM IST
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सोशल मीडिया
- फोटो : demo
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी देवरिया के अखिलानंद राव को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह अगले दो वर्षों तक सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा। जमानत शर्तें का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत निरस्त की जा सकेगी। अखिलानंद की जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने यह आदेश दिया।
याची के खिलाफ देवरिया के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वह 12 मई 2020 से जेल में बंद है। आरोप है कि उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य जनप्रतिनिधियों के संबंध में एक सोशल मीडिया साइट पर आपत्तिजनक पोस्ट किए। साथ अपने बारे में गलत सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां देकर अनुचित लाभ उठाने का प्रयास किया। याची का कहना था कि उसे साजिशन झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
कोर्ट ने कहा कि याची दो वर्षों तक सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा और मुकदमे के विचारण में पूरा सहयोग करेगा। अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई टलवाने की कोशिश नहीं करेगा। जमानत शर्तों का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत कभी भी निरस्त की जा सकेगी।
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याची के खिलाफ देवरिया के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वह 12 मई 2020 से जेल में बंद है। आरोप है कि उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य जनप्रतिनिधियों के संबंध में एक सोशल मीडिया साइट पर आपत्तिजनक पोस्ट किए। साथ अपने बारे में गलत सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां देकर अनुचित लाभ उठाने का प्रयास किया। याची का कहना था कि उसे साजिशन झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
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कोर्ट ने कहा कि याची दो वर्षों तक सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा और मुकदमे के विचारण में पूरा सहयोग करेगा। अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई टलवाने की कोशिश नहीं करेगा। जमानत शर्तों का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत कभी भी निरस्त की जा सकेगी।
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