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Prayagraj : कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज, ट्रायल कोर्ट ने सुनाया फैसला
Thu, 07 May 2026 03:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 May 2026 03:01 PM IST
सार
आरोप है स्वप्निल केसरी एक फार्मास्युटिकल फर्म के जरिये कोडीनयुक्त कफ सिरप को गैर-चिकित्सकीय उपयोग के लिए बेचता था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है।
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जिला न्यायालय इलाहाबाद।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जिला अदालत ने कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट रजनीश कुमार मिश्र ने विशेष लोक अभियोजक श्री प्रकाश शुक्ला को सुनकर दिया। चंदौली के मुगलसराय क्षेत्र निवासी स्वप्निल केसरी के खिलाफ अतरसुइया थाने में औषधि निरीक्षक की तहरीर पर आपराधिक साजिश और एनडीपीएस एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।
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आरोप है स्वप्निल केसरी एक फार्मास्युटिकल फर्म के जरिये कोडीनयुक्त कफ सिरप को गैर-चिकित्सकीय उपयोग के लिए बेचता था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है। एफआईआर में नामजद नहीं है। उसके कब्जे से कोई अवैध दवा बरामद नहीं हुई। वह फर्म से जुड़ा भी नहीं है। सह-अभियुक्तों के बयान के आधार पर ही उसका नाम जोड़ा गया है।
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शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए दलील कि आरोपी गंभीर अपराध में लिप्त है। जांच में सामने आया कि कोडीनयुक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर अवैध खरीद-बिक्री हुई है। आरोपी के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। अदालत के समक्ष आरोपी के खिलाफ 13 आपराधिक मामलों का विवरण भी प्रस्तुत किया।
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अदालत ने कहा कि मामला अभी विवेचना में है और जमानत स्तर पर विस्तृत परीक्षण (मिनी ट्रायल) संभव नहीं है। आरोपी पर गंभीर आरोप हैं और नए तथ्य सामने आना बाकी हैं। इस आधार पर जमानत अर्जी खारिज की जाती है।