फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Bahadurganj fire: 10 fire tenders were able to douse the fire by making 40 rounds in six hours

बहादुरगंज अग्निकांड :  छह घंटे में 40 फेरे लगाकर आग पर काबू पा सकीं दमकल की दस गाड़ियां

Sun, 12 Nov 2023 12:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 12 Nov 2023 12:13 PM IST
सार

फायर ब्रिगेड अफसरों के मुताबिक उन्हें घटना की सूचना 9:51 मिनट पर मिली। 15 मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई थी। सबसे पहले पांच हजार लीटर का फायर टेंडर लेकर टीम पहुंची। इसके बाद 20 हजार लीटर के फायर टेंडर के साथ ही सिविल लाइंस फायर स्टेशन से तीन अन्य गाड़ियां भी बुलाई गईं।

विज्ञापन
Bahadurganj fire: 10 fire tenders were able to douse the fire by making 40 rounds in six hours
शार्ट सर्किट से डिस्पोजल की दुकान में लगी आग। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

व्यापारी के घर लगी भीषण आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड के जवान छह घंटे तक लगातार जूझते रहे। हाल यह रहा है कि राहत कार्य में दमकल की 10 गाड़ियां लगानी पड़ीं। इन्हें 40 फेरे लगाने पड़े। शहर से ही नहीं बल्कि नैनी, हंडिया व सोरांव फायर स्टेशन से भी दमकल की गाड़ियां मंगवानी पड़ीं। छह घंटे तक लगातार जूझने के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

विज्ञापन

फायर ब्रिगेड अफसरों के मुताबिक उन्हें घटना की सूचना 9:51 मिनट पर मिली। 15 मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई थी। सबसे पहले पांच हजार लीटर का फायर टेंडर लेकर टीम पहुंची। इसके बाद 20 हजार लीटर के फायर टेंडर के साथ ही सिविल लाइंस फायर स्टेशन से तीन अन्य गाड़ियां भी बुलाई गईं। तब तक एक घंटे का समय हो चुका था, लेकिन आग फैलती ही जा रही थी।

विज्ञापन


भयावहता को देखते हुए नैनी, हंडिया व सोरांव फायर स्टेशन से भी दमकल की दो-दो गाड़ियां मंगवाई गईं। इसके बाद 10 गाड़ियों से एक साथ आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू हुए। इन गाड़ियों ने पानी भरने के लिए 40 से ज्यादा राउंड लगाए। फायर स्टेशन अफसर सिविल लाइंस अविनाश चौरसिया ने बताया कि सिविल लाइंस फायर स्टेशन से चार, जबकि आसपास के तीन फायर स्टेशनों से छह गाड़ियां बुलाई गईं। प्रत्येक ने कम से कम चार राउंड पानी भरे और लगातार छह घंटों तक राहत कार्य चलता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

100 फीट लंबाई, रास्ता बेहद संकरा

व्यापारी के जिस मकान में आग लगने की घटना हुई, उसकी बनावट के चलते भी राहत कार्य में दिक्कतें आईं। दरअसल, मकान की लंबाई लगभग 100 फीट थी। भीतर सामान भरा होने के कारण पीछे की ओर जाने के लिए रास्ता बेहद संकरा था। भारी मात्रा में दोना पत्तल व अन्य सामान आग की चपेट में आने से भीतर का तापमान बेहद ज्यादा हो गया था और यह भी एक वजह रही कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने में इतना वक्त लग गया।

...तो खाक हो जाती बाजार

घटना के बाद इस बात की भी चर्चा रही कि राहत कार्य में कोई भी चूक होती तो बाजार खाक हो सकती थी। दरअसल, बताशा मंडी में जिस जगह यह घटना हुई, वहां अलग-अलग सामान का थोक बाजार है। दोना-पत्तल कारोबारी विनोद के अगल बगल के मकानों में भी किराना समेत अन्य सामान की थोक दुकानें हैं। ज्यादातर मकानों में ही व्यापारियों ने गोदाम बना रखा है। ऐसे में समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो नुकसान कई गुना ज्यादा हो सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed