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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ayodhya Ram Mandir Shri Ram ideals prevailed even in the decision of Allahabad High Court

UP: 'राम भारत की आत्मा, संस्कृति हैं... उनके बिना अधूरा भारत'; अदालत के फैसलों में भी छाए रहे श्रीराम के आदर्श

Tue, 23 Jan 2024 11:43 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 23 Jan 2024 11:43 AM IST
सार

राम भारत की आत्मा, संस्कृति हैं... उनके बिना भारत अधूरा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसलों में भी श्रीराम के आदर्श छाए रहे। हाईकोर्ट ने तो तीन साल पहले यहां तक कहा कि राम देश के हर नागरिक के दिल में बसते हैं।

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Ayodhya Ram Mandir Shri Ram ideals prevailed even in the decision of Allahabad High Court
Ayodhya Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीरामजन्मभूमि स्थान को साबित करने की 134 साल चली कानूनी जंग के बाद सोमवार को प्रभु अपने दिव्य स्थान पर प्रतिष्ठित हुए तो अदालती फैसलों में उनके आदर्शों के उद्धरण भी जेहन में दोहरा गए। 
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तो तीन साल पहले यहां तक कहा कि राम देश के हर नागरिक के दिल में बसते हैं। वह भारत की आत्मा हैं, पहचान हैं, इस देश की संस्कृति हैं...और राम के बिना भारत अधूरा है।
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केस-1
आठ अक्तूबर 2021

मामला सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम और कृष्ण पर अश्लील टिप्पणी का था। हाथरस जिले के आरोपी आकाश जाटव की जमानत अर्जी न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की अदालत ने स्वीकार की। फैसले में कोर्ट ने श्रीराम के विराट चरित्र का उल्लेख किया है। कहा, हमारे ऋषियों-मुनियों ने इंसान को भगवान बनने के रास्ते दिखाए हैं।
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महात्मा गांधी के जीवन में भी राम का महत्व रहा है। सबरी के जूठे बेर खाने से लेकर निषादराज को गले लगाने तक सामाजिक समरसता झलकती है। वह शत्रु से भी सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हैं। संविधान में भी राम-सीता के चित्र अंकित हैं। रसखान, अमीर खुसरो, आलम शेख, वाजिद अली शाह, नजीर अकबराबादी जैसे लोग राम-कृष्ण भक्त रहे हैं। राम-कृष्ण का अपमान पूरे देश का अपमान है।

केस-2)
19 सितंबर 2023

न्यायमूर्ति अश्वनी मिश्रा और न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी की खंडपीठ ने रामजन्मभूमि परिसर पर आतंकी हमला करने के दोष में इलाहाबाद जिला सत्र न्यायालय से 2019 में उम्रकैद की सजा पाए चार दोषियों की जमानत अर्जी तो मंजूर की, लेकिन इस टिप्पणी के साथ कि राम मंदिर पर हमला सभ्य समाज पर हमला है। 5 जुलाई 2005 को एके-47 राइफल और राकेट लॉन्चर से लैस पांच आतंकियों ने हमला बोला था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। 

 

सात लोग घायल हुए थे। सुरक्षा बलों ने सभी आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया था। पुलिस ने आतंकियों को मदद देने के आरोप में जम्मू-कश्मीर के पुंछ निवासी शकील अहमद, मोहम्मद नसीम, आसिफ इकबाल उर्फ फारुख, सहारनपुर के डॉ. इरफान और प्रयागराज के मोहम्मद अजीज को गिरफ्तार किया था। इनमें मोहम्मद अजीज को दोषमुक्त करार देते हुए चार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
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