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छात्रों की घर वापसी के लिए आगे आए शिक्षक

Sun, 29 Mar 2020 11:42 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2020 11:42 PM IST
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AUTA came to front to assist student in lock down period
AUTA came to front to assist student in lock down period - फोटो : ALDCOMPACT
ऑटा की मांग पर इविवि प्रशासन ने शुरू किया प्रयास
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हॉस्टल की मेस बंद होने से भोजन का संकट भी बढ़ा
प्रयागराज। लॉकडाउन के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों में फंसे छात्रों की घर वापसी के लिए शिक्षक आगे आए हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की मांग पर इविवि प्रशासन के लिए छात्रों को घर वापस भेजने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। हॉस्टलों में मेस बंद हो जाने के कारण छात्रों के साथ भोजन का संकट भी खड़ा हा गया है। ऑटा की ओर से डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन देकर मांग की गई है कि लॉक डाउन में फंसे हॉस्टल के छात्रों के लिए मेस बंद होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे ने डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह को पत्र लिखकर हॉस्टल एवं डेलीगेसी में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों को कोराना महामारी से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है और कुछ जरूरी परामर्श भी दिया है। प्रो. दुबे ने डीएसडब्ल्यू को लिखे पत्र में कहा है कि अचानक हुए लॉक डाउन में हॉस्टल और डेलीगेसी में विश्वविद्यालय के बहुत से छात्र फंस गए हैं। इनकी शारीरिक और मानसिक सुरक्षा विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। छात्रावासों में मेस बंद हो जाने के कारण भोजन के लिए छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। जिला प्रशासन से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जाना चाहिए।
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साथ ही हॉस्टलों में छात्रों को दैनिक जरूरत वाली वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए और संक्रमण को रोकने के लिए हॉस्टल में उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। जो छात्र-छात्राएं अपने घर लौटना चाहते हैं, उनके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस से संपर्क कर वाहन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही अपने घर जा पाने में असफल छात्र-छात्राओं को मानसिक अवसाद से बचाने के लिए उनके साथ निरंतर संपर्क एवं संवाद जरूरी है। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भी लॉक डाउन की परिस्थितियों को देखते हुए दिशा-निर्देश दिए हैं, जिसका अनुपालन जरूरी है। ऑटा अध्यक्ष के पत्र पर डीएसडब्लयू ने जवाब दिया है कि उनके सभी सुझावों पर काम किया जा रहा है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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डीएसडब्ल्यू का कहना है कि छात्रों के घर वापसी के मुद्दे पर जिला प्रशासन से समन्वय की जिम्मेदारी उन्होेंने चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय को सौंप दी है। जहां तक भोजन का सवाल है तो एएन झा में शोध छात्रों और एचओआर हॉस्टल में शोध छात्राओं के लिए मेस का संचालन किया जा रहा है, क्योंकि इन्हीं दो हॉस्टलों में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक है। बाकी हॉस्टल में पांच से दस छात्र-छात्राएं ही हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं ने अपने स्तर से भोजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। हॉस्टल के अधीक्षक ऐसे छात्र-छात्राओं से निरंतर संपर्क में हैं। इसके बाद भी अगर किसी छात्र या छात्रा को दिक्कत होती है तो इविवि प्रशासन अपनी तरफ हर संभव मदद मुहैया कराएगा।
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