फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   au could not spend the budget

इविवि फिर खर्च नहीं कर पाया बजट

Sat, 19 Nov 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 19 Nov 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
au could not spend the budget
घूस लेते हुए लेखपाल गिरफ्तार - फोटो : demo pic
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन प्लान के अंतर्गत स्वीकृत राशि खर्च करने में एक बार फिर पीछे रह गया। यूजीसी ने प्लान के अंतर्गत चार सत्र में स्वीकृत और तथा खर्च हुई राशि का ब्योरा जारी कर दिया है। उसमें विश्वविद्यालय को वर्तमान सत्र के लिए स्वीकृत राशि शून्य दिखाई गई है। यानी, इस सत्र में विश्वविद्यालय को कोई पैसा नहीं मिला है। इतना ही नहीं पैसा खर्च करने के मामले में भी विश्वविद्यालय दूसरे विश्वविद्यालयों से काफी पीछे रहा। जबकि, यहां का बजट अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी कम है। बीएचयू की तुलना में तो आधे से भी कम राशि मिली है। वर्तमान सत्र में पैसा नहीं मिलने के पीछे इसे मुख्य वजह माना जा रहा है।
विज्ञापन


यूजीसी की ओर से जारी विवरण के अनुसार सत्र 2013-14 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को प्लान के अंतर्गत 25.20 करोड़ रुपये मिले। उस साल विश्वविद्यालय ने 29.34 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन सत्र 2014-15 में स्वीकृत 60.16 करोड़ की तुलना में मात्र 23.28 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका। यानी, तकरीबन 33 फीसदी राशि ही खर्च हुई। सत्र 2015-16 में भी विश्वविद्यालय स्वीकृत 35.65 करोड़ की तुलना में 26.17 करोड़ रुपये खर्च कर सका। इस सत्र में प्लान के अंतर्गत स्वीकृत राशि शून्य दिखाई जा रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने अब तक 2.73 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
विज्ञापन


इस तरह से विश्वविद्यालय को इन चार वर्ष में एक अरब 21 करोड़ रुपये मिले। इसमें से 81.53 करोड़ रुपये खर्च हुआ है। इसके विपरीत बीएचयू को इस दौरान दो अरब 92 करोड़ रुपये मिले। इनमें से दो अरब 16 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


खर्च नहीं कर पाने वाले की वजह से पिछले पंचवर्षीय योजना में विश्वविद्यालय को तकरीबन एक अरब रुपये वापस करने पड़े थे। इससे विश्वविद्यालय में विकास का काम तो ठप रहा ही, साख को भी धक्का लगा। इसके अलावा दसवीं पंचवर्षीय योजना का हिसाब अभी तक नहीं देने की वजह से भी विश्वविद्यालय को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed