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अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई के मामले में पूर्व सांसद अतीक के गुर्गों की जमानत खारिज

Thu, 28 May 2020 08:52 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 May 2020 08:52 PM IST
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Atiq's family's bail rejected in case of kidnapping and beating up in Deoria prison
Ateeq Ahmed

पूर्व सपा सांसद अतीक अहमद के गुर्गों द्वारा मोहम्मद जैद और उसके साथियों का इलाहाबाद से अपहरण कर देवरिया जेल में ले जाकर पिटाई करने के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने अभियुक्त खालिद जफर और फैसल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ बालमुकुंद ने विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह गोपाल और एसपीओ जय गोविंद उपाध्याय को सुन कर दिया है।

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घटना 22 नवंबर 2018 की  धूमनगंज की है। वादी मोहम्मद जैद ने अतीक अहमद के साढू इमरान, सद्दाम अली, अहमद मोहम्मद, अहमद हुसैन पूर्व सांसद अतीक के बहन का दामाद खालिद जफर अरशद ,मोहम्मद राशिद उर्फ नीलू, विजय राय, साबिर आदि के खिलाफ आठ जनवरी 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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Atiq's family's bail rejected in case of kidnapping and beating up in Deoria prison
माफिया अतीक अहमद - फोटो : amar ujala

वादी का कहना है कि वह अपने चचेरे भाई उमेश अहमद और मित्र अभिषेक पांडे के साथ कार से जा रहा था कि पीएसी गेट के पास अभियुक्तगणों ने उस की कार रोक कर बाहर घसीट लिया और कहा कि फरहान ने तुम सबको देवरिया जेल ले जाने के लिए कहा है।

वादी का आरोप है कि उसके सोने की ब्रेसलेट और आठ हजार रुपये भी छीन लिया और देवरिया जेल के अंदर ले गए वहां  पूर्व सांसद अतीक अहमद ने  देखते ही गाली देते हुए कहा कि विश्वा पुरी वाली जमीन भूल जाओ । मैं जिसे कहूं उसे बैनामा कर दो और  धमकी दिया जब वादी ने कुछ पूछना चाहा तो उसे और उसके चचेरे भाई और मित्र को जेल के अंदर ही मारा-पीटा और चोटे पहुंचाई गई।

Atiq's family's bail rejected in case of kidnapping and beating up in Deoria prison
अतीक अहमद (फाइल फोटो)
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि पूर्व सांसद का रिश्तेदार होने के नाते राजनीतिक विद्वेष के कारण उसे झूठा फंसाया गया है जबकि अभियोजन ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा की वादी के शरीर पर कई चोटें पाई गई हैं । और वादी सहित दो अन्य अभियुक्तों का जेल कारागार के रजिस्टर में नाम दर्ज है कई अन्य सह अभियुक्तों की जमानत इस कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
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