अतीक -अशरफ हत्याकांड : न्यायिक आयोग में अब पांच सदस्य, पूर्व चीफ जस्टिस डीबी भोसले ने संभाली कमान
पुलिस अभिरक्षा में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की जांच अब पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग करेगा। राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबासाहेब (डीबी) भोसले को आयोग का नया अध्यक्ष बनाया है।
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पुलिस अभिरक्षा में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की जांच अब पांच सदस्यीय न्यायिक आयोग करेगा। राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबासाहेब (डीबी) भोसले को आयोग का नया अध्यक्ष बनाया है। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह को आयोग में सदस्य बनाया गया है। अभी तक आयोग में तीन सदस्य थे। शुक्रवार को पांच सदस्यीय आयोग ने घटनास्थल का जायजा भी लिया।
बीती 15 अप्रैल को पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल चेकअप कराने कॉल्विन अस्पताल गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को तीन शूटरों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अरविंद कुमार त्रिपाठी को आयोग का अध्यक्ष, जबकि पूर्व जिला जज बृजेश कुमार सोनी और पूर्व पुलिस महानिदेशक सुबेश कुमार सिंह को सदस्य बनाया था।
तीन सदस्यीय आयोग ने प्रयागराज जाकर एक बार घटनास्थल का मौका-मुआयना भी किया था। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक करीब एक हफ्ते पहले आयोग में हाईकोर्ट के दो पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को भी शामिल करके इसे मजबूत करने की कवायद की गयी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की त्वरित गति से निष्पक्ष जांच कराई जा सके। पुनर्गठित आयोग ने शुक्रवार को कॉल्विन हॉस्पिटल स्थित घटनास्थल का जायजा लिया। हत्याकांड के वक्त ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों व मेडिकल स्टॉफ से भी पूछताछ की। घटना का पूरा सीन समझा। करीब आधे घंटे तक साक्ष्य और सूचनाएं एकत्रित करने के बाद आयोग लौट गया।