अतीक-अशरफ हत्याकांड मोबाइल खोलेगा हत्याकांड का राज, आईएमईआई से मिला नंबर
होटल से बरामद शूटरों के मोबाइल अब अतीक-अशरफ हत्याकांड के राज खोलेंगे। मोबाइल में सिम नहीं है लेकिन आईएमईआई नंबर के जरिए पुलिस ने उनका मोबाइल नंबर हासिल कर लिया है।
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होटल से बरामद शूटरों के मोबाइल अब अतीक-अशरफ हत्याकांड के राज खोलेंगे। मोबाइल में सिम नहीं है लेकिन आईएमईआई नंबर के जरिए पुलिस ने उनका मोबाइल नंबर हासिल कर लिया है। अब इन नंबरों की कॉल डिटेल रिपाेर्ट निकलवाने के साथ ही एसआईटी मोबाइल से डाटा रिकवरी के भी प्रयास में जुटी है।
पुलिस ने दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें सिम नहीं है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शूटरों ने सिम निकालकर कहीं रख दिया या फिर उन्हें फेंक दिया। ऐसा इसलिए किया ताकि पकड़े जाने के बाद भी पुलिस हत्याकांड की कड़ी न जोड़ पाए। पुलिस ने उनसे पूछा भी कि आखिर मोबाइल से सिम कहां गायब हो गए लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी।
सीडीआर निकलवाने के प्रयास में पुलिस
उधर सूत्रों का कहना है कि दोनाें मोबाइल के आईएमईआई नंबर के जरिए पुलिस ने उन सिमों के नंबर की जानकारी जुटा ली, जिनका इस्तेमाल इन दोनों मोबाइल में किया गया। अब इन नंबरों की सीडीआर निकलवाने के प्रयास में पुलिस जुटी है। जानकारों का कहना है कि सीडीआर से यह पता चल सकेगा कि शूटर किसके संपर्क में थे। कई अन्य सवालों का भी जवाब मिल सकेगा कि उनके मददगार कौन थे।
इसके साथ ही दोनों मोबाइल से डाटा रिकवर कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। दरअसल पुलिस को बरामद मोबाइल से हत्याकांड के संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका है। यह भी आशंका है कि वारदात से पहले ही शूटरों ने डाटा डिलीट कर दिया हो। ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें डर था कि सरेंडर के बाद मोबाइल मिलने पर अहम राज बाहर आ सकते हैं। यही वजह है कि पुलिस डाटा रिकवर कराने की कोशिश में जुटी है।