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अतीक-अशरफ हत्याकांड : चश्मदीद बोले, लगा कि जीवन का अंतिम समय आ गया, बगल से गुजर रही थीं गोलियां

Sun, 16 Apr 2023 11:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 16 Apr 2023 11:08 PM IST
सार

कॉल्विन अस्पताल में अतीक और अशरफ पर जिस समय गोलियों से कातिलाना हमला किया गया, उन्हें पुलिस वाले और मीडियाकर्मी घेरे हुए थे। किसी के कान के बगल से गोली निकली तो किसी के पीछे खड़े होकर कातिल गोलियां बरसाने लगे।

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Atiq-Ashraf murder case: Eyewitness said, felt that the last time of life had come
Prayagraj News : अतीक और अशरफ की हत्या। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कॉल्विन अस्पताल में अतीक और अशरफ पर जिस समय गोलियों से कातिलाना हमला किया गया, उन्हें पुलिस वाले और मीडियाकर्मी घेरे हुए थे। किसी के कान के बगल से गोली निकली तो किसी के पीछे खड़े होकर कातिल गोलियां बरसाने लगे। तमाम मीडियाकर्मियों सांसें अटक गईं। उन्होंने यही कहा कि ‘उन्हें लगा कि जीवन का अंतिम समय आ गया’। पुलिस रात में करीब साढ़े दस बजे अतीक अहमद और अशरफ को मेडिकल के लिए कालविन अस्पताल ले जा रही थी।

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यह बात कुछ मीडियाकर्मियों को लीक हो गई। वे पुलिस के आने से पहले ही गेट पर इकट्ठा हो गए थे। अतीक और अशरफ गाड़ी से उतरे। पुलिस वालों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। अस्पताल गेट पर ही मीडियाकर्मियों ने अतीक के बेटे असद के जनाजे में न जाने को लेकर सवाल पूछने लगे। अतीक ने कहा कि ‘नहीं जाने दिया गया, नहीं गए’। अशरफ ने जैसे ही गुड्डू मुस्लिम का नाम लिया, मीडियाकर्मियों के बीच कातिलों ने अपनी अपनी पिस्टल निकाली और फायरिंग शुरू कर दी।

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पहली गोली अतीक के एकदम सिर पर सटाकर मारी गई। वहां मौजूद मीडियाकर्मी जब तक कुछ समझ पाते ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। नाम न छापने की शर्त पर एक मीडियाकर्मी ने बताया कि उसे लगा कि जीवन का अंतिम समय आ गया। दूसरे ने कहा कि उन्हें भागने का भी मौका नहीं मिला। वे एक दूसरे पर गिर गए। कातिल लगातार गोलियां चला रहे थे।

मीडियाकर्मी छोड़िए पुलिस वाले भी कातिलों को पकड़ने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। कातिलों ने जब पिस्टल से कारतूस खाली कर दिए तो सिपाही उनकी ओर दौड़े और पकड़ लिया। जब तीनों को पकड़ लिया गया तब मीडियाकर्मियों की जान में जान आई। कातिलों को पकड़ने वाले एक सिपाही ने बताया कि आरोपियों के पास स्वचालित हथियार थे, जो भी सामने जाता, उसे वे मार देते।

काफी देर तक तड़पता रहा अतीक, अशरफ की तुरंत हो गई थी मौत

अतीक के सिर में पहली गोली लगने के बाद वह गिर पड़ा। इसके बाद उसे ताबड़तोड़ आठ गोलियां मारी गईं। हालांकि कुछ मिनटों तक वह तड़पता रहा। उसकी सांसें चल रहीं थीं लेकिन जब तब डाक्टर आकर चेक करते अतीक की मौत हो गई थी। अशरफ को भी पहली गोली सिर में लगी थी। उसे कुल छह गोलियां मारी गईं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अशरफ की तुरंत ही मौत हो गई थी।

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