अतीक अहमद के खिलाफ चल रही कार्रवाई के क्रम में शनिवार को एक और बड़ी कार्रवाई की गई। कौशांबी के सल्लापुर गांव में रहने वाले अतीक के भाई अशरफ की ससुराल स्थित आलीशान बंगले को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करा दिया गया। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि निर्माण नियम विरुद्ध तरीके से किया गया था। उधर अशरफ के ससुराल वालों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
Ateeq Ahmed news: पूर्व सांसद अतीक अहमद के रिश्तेदार के करोड़ों रुपये के बंगले पर चला बुलडोजर
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प्रयागराज कौशांबी सीमा पर स्थित सल्लापुर गांव में अतीक के भाई अशरफ का ससुराल है। 2 महीने पहले एक लाख के इनामी अशरफ को पुलिस ने यहीं से गिरफ्तार करने का दावा किया था। यह मकान अशरफ की ससुर के नाम पर था। शनिवार सुबह 11:00 बजे के करीब प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। यह स्थान कौशांबी के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र में सल्लापुर पुलिस चौकी के पीछे स्थित है।
टीम में शामिल अफसरों ने घर के सदस्यों से कहा कि मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी है, वह अपना सामान बाहर निकाल लें। संभाल निकाले जाने के बाद बुलडोजर से मकान का हाय जाने की कार्रवाई शुरू की गई। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मकान पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। मकान का निर्माण जिस जमीन पर हुआ है वह अशरफ के ससुर मंसूर अहमद के नाम पर है।
600 वर्ग गज जमीन पर यह तीन मंजिला भवन खड़ा किया गया था। जिसके आसपास करीब 1000 वर्ग गज जमीन खाली पड़ी थी। कार्रवाई करने वाली पीडीए की टीम में शामिल अफसरों का कहना है कि मकान का निर्माण नियम विरुद्ध तरीके से किया गया था। इसका मानचित्र नहीं पास होने के कारण पूर्व में ध्वस्ती करण आदेश जारी किया गया था। जिसके तहत शनिवार को मकान का हाय जाने की कार्रवाई की गई।
खटाएंगे न्यायालय का दरवाजा, नहीं दिया कोई नोटिस
उधर मामले में अशरफ के ससुरालीजनों का कहना है कि उनका मकान गिराए जानने की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। अशरफ की पत्नी के भाई सद्दाम ने बताया कि उसके पिता की 12 संतानें हैं, जिनमें सात भाई और पांच बहने हैं। बड़े भाई मोहम्मद जैद कौशाम्बी के शेरवानी कॉलेज में इतिहास के प्रोफेसर हैं। इसके अलावा उसके दो भाई विदेश में हैं, जिनमें से एक होटल मैनेजर व दूसरा एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत हैं। उसने यह भी बताया कि उसकी बहन से अशरफ का विवाह करीब सात साल पहले हुआ, जबकि यह मकान कई साल पहले उसके पिता ने बनवाया था।
जिस जमीन पर मकान का निर्माण हुआ वह उसके परिवार की पैतृक संपत्ति है। उसने यह भी आरोप लगाया कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से नियम विरुद्ध तरीके से यह कार्रवाई की गई है। इस संबंध में ना तो उनके परिवार को पहले कोई नोटिस दी गई, ना ही कोई पूर्व सूचना दी गई। उसने दावा किया कि मकान का निर्माण जिस जमीन पर हुआ, वह प्रयागराज विकास प्राधिकरण की सीमा से बाहर है। जिस पर निर्माण के लिए किसी तरह के मानचित्र की आवश्यकता नहीं है। उसने बताया कि नियम विरुद्ध तरीके से की गई इस कार्रवाई के खिलाफ उसका परिवार न्यायालय में गुहार लगाएगा।